MP Weather Update : भाेपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। मानसून प्रणालियाें के कमजाेर पड़ने और मानसून ट्रफ के भी हिमालय की तरफ खिसकने के कारण अभी दाे तीन-दिन तक वर्षा की गतिविधियाें में कमी आएगी। हालांकि वातावरण में बड़े पैमाने में नमी मौजूद रहने के कारण धूप निकलने के बाद गरज-चमक के साथ छिटपुट वर्षा हाेने की भी संभावना बनी रहेगी। उधर शनिवार काे सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक खंडवा में 27, उमरिया में छह, छिंदवाड़ा में एक, सतना में एक, जबलपुर में 0.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। ग्वालियर में बूंदाबांदी हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी एसएन साहू के मुताबिक इस सीजन में मध्य प्रदेश में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 1109 मिमी. वर्षा हाे चुकी है। यह अभी तक हाेने वाली सामान्य वर्षा (905.3 मिमी.) की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक हैं। हालांकि अभी भी प्रदेश के तीन जिलाें आलीराजपुर, सीधी एवं रीवा में सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। पिछले चार दिनाें से अलग-अलग स्थानाें पर सक्रिय मौसम प्रणालियाें के कमजाेर पड़ जाने के कारण वर्षा की गतिविधियाें में कमी आ गई है।

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मध्य में सक्रिय गहरा कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तरी उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ गया है। वह कमजाेर पड़ने के बाद हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में परिवर्तित हाे गया है। मानसून ट्रफ भी अब हिमालय की तरफ खिसकने लगा है। वर्तमान में मानसून ट्रफ गंगानगर, हिसार, मेरठ, लखनऊ, गया, पुरुलिया, दीघा से हाेकर बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। इसी तरह हवा के ऊपरी भाग में एक अन्य ट्रफ अरब सागर से सिर्फ गुजरात तक बना है। मौसम प्रणालियाें के कमजाेर पड़ने से अभी दाे-तीन दिन तक वर्षा हाेने के आसार कम ही हैं। हालांकि तापमान बढ़ने की स्थिति में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ छिटपुट वर्षा हाे सकती है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद 20 सितंबर से एक बार फिर प्रदेश में वर्षा की गतिविधियाें में तेजी आने की संभावना है।

Posted By: Lalit Katariya

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