भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शुक्रवार से एक बार फिर मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बिगड़ने लगा है। जबलपुर, शहडोल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं धूल भरी तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी होने लगी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मध्यप्रदेश आसपास के राज्‍यों में बने चक्रवात और ट्रफ के कारण अरब सागर से नमी आने का सिलसिला शुरू हो गया है। जिसके चलते बादल छाने लगे हैं। साथ ही गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बढ़ गई है। इस तरह की स्थिति प्रदेश के अलग-अलग स्‍थानों पर चार-पांच दिन तक बनी रह सकती है। रविवार से बारिश की गतिविधियों में और तेजी भी आ सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इस सिस्टम से होकर एक ट्रफ पश्चिम बंगाल तक और दूसरा विदर्भ तक बना हुआ है। उधर पाकिस्तान पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोम के असर से राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बन गया है। इस वजह से अरब सागर से नमी मिलने का सिलसिला शुरू हाे गया है। मौसम विज्ञानियाें के मुताबिक तापमान बढ़ रहने और नमी मिलने के कारण प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने लगे हैं। शुक्रवार को कुछ स्थानों पर धूल भरी तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी भी हुई। इससे अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में तेज हवाएं चलने के साथ बूंदाबांदी का दौर शुरू होंने की सभावना है। उधर शुक्रवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 41.3 डिग्रीसेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा, लेकिन गुरुवार को अधिकतम तापमान (42.8 डिग्रीसे.) से 1.5 डिग्रीसे. कम रहा। ग्वालियर और जबलपुर में भी अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 45 डिग्रीसे. नौगांव में दर्ज किया गया।

अरब सागर से आ रही नमी

मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मप्र में चक्रवात के साथ ही चक्रवात से दाे ट्रफ भी बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त मध्य महाराष्ट्र पर भी एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। गुरूवार को सौराष्ट्र पर बना ऊपरी हवा का चक्रवात पाकिस्तान की तरफ खिसक गया है। इस सिस्टम के कारण अरब सागर से गुजरात और मप्र को नमी मिलने लगी है। इससे बारिश के आसार बन रहे हैं। शुक्ला के मुताबिक अगले चार-पांच दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है।

Posted By: Lalit Katariya

NaiDunia Local
NaiDunia Local