Naidunia Mohd. Rafique Column: मोहम्‍मद रफीक, भोपाल। जो हो, यहीं बताओ, फिर आगे जाओ। यह वह जगह है, जहां विधायक भी लाइन में खड़े रहते हैं। फिल्मी सीन की तरह यह दृश्य पुलिस मुख्यालय के दो नंबर गेट पर इन दिनों आम है। यहां आने-जाने वालों के नाम लिखने की नई जिम्मेदारी में तेवर बदजुबानी और पुलिसिया तफ्तीश वाले हो गए हैं। किसी न किसी काम से आने वाले आम लोगों के लिए इतनी सख्त पूछताछ असहज करने वाली है। बड़े साहब हर फोरम पर पुलिस की छवि जनता के दोस्त की तरह बनाने में जुटे हैं, वहीं उनके दरबान इसे पलीता लगा रहे हैं। बातचीत का अंदाज आपत्तिजनक है। जाहिर है, पुलिस मुख्यालय में आने वाला किसी न किसी प्रकार की मदद के लिए ही आता है। वहां उससे पुलिसिया तेवर के साथ पूछताछ मुख्यालय की छवि खराब कर रही है। वहां तैनात कुछ भले मानुष हस्तक्षेप करते हैं तो सीनियरटी की धौंस दी जा रही है।

आप तो खबर बता दो

बहुत दिन हुए कि काम के नाम पर रिश्वत लेने और फाइल आगे बढ़ाने के लिए वजन रखवाने की पकड़ा-धकड़ी गति नहीं पकड़ पा रही है। वजह कोरोना महामारी रही। इस काम के लिए तैनात एजेंसियों का काम मंदा रहा। कोरोना से राहत मिली है तो जांच एजेंसियों के अफसरान भी मूड में आ गए हैं। कुछ-कुछ हो तो रहा है, लेकिन वैसा मजा नहीं आ रहा है, जैसा पहले कभी हुआ करता था। अब सूचनाएं जुटाने के लिए तंत्र को एक बार फिर सक्रिय होने के लिए कहा गया है। हालत यह है कि रिश्वत मांगने वालों की शिकायत करने वालों को सम्मानित ग्राहक की तरह देखा जा रहा है। शिकायत करने वाला भी इतनी आवभगत देखकर हैरत में पड़ जाता है। ऊपरी दबाव इतना है कि जो भी मिलता है, उससे खबर मांगी जाती है। वो कहते हैं- यार, कुछ हो तो बता दो, ताकि काम चलता रहे।

काम की तारीफ और इनाम 25 हजार

मध्य प्रदेश पुलिस की अलग-अलग शाखाओं में आजकल सामान्य संवाद होता है तो यह जरूर पूछा जाता है कि नया क्या है। यह नया कामकाज के तरीकों में नवाचार को लेकर किया गया सवाल होता है। प्रदेश पुलिस के कुछ नवाचार अन्य राज्यों का भी मार्गदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर अन्य राज्यों की अच्छी कार्यप्रणाली को प्रदेश में लागू करते समय ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिससे वह कुछ हटकर लगते हैं। सूचनाओं और कार्रवाइयों को लेकर अन्य राज्यों के साथ चर्चा हुई तो प्रदेश की तारीफ भी हुई। कुछ संवाद ऐसे थे कि छाती चौड़ी होनी ही थी। अच्छे काम करने वाले पुलिसकर्मियों की तारीफ भी दिल खोलकर की जा रही है। भोपाल के रेलवे प्लेटफार्म पर एक महिला की जान बचाने वाले पुलिसकर्मी को पुलिस महानिदेशक ने 25 हजार स्र्पये का नकद इनाम दिया है। इनाम की इतनी बड़ी राशि पुलिसकर्मियों के बीच चर्चा का विषय है।

हैदराबाद का टिकट लेने वालों का इंतजार

हैदराबाद की राजनीतिक ट्रेन मध्य प्रदेश के प्लेटफार्म पर आ पहुंची है। इस राजनीतिक ट्रेन के लिए टिकट काउंटर भी खुल गया है। घर-घर जाकर टिकट बेचे जा रहे हैं। प्रदेश में कुछ घटनाएं ऐसी घटी कि जो इस ट्रेन के लिए डबल इंजन का काम कर गईं। वर्ग विशेष के हितों की आवाज उठाने के नाम पर पहले सुर्खिया बंटोरीं। बाद में गलत आदमी के साथ नाम जुड़ा तो चर्चा में रहने का और मौका मिल गया। जिस ट्रेन के गार्ड का प्रदेश में बहुत ज्यादा वजन नहीं था, उनके नाम से बयान दिए गए। सामने वालों को मौका मिल गया और प्रदेश में हो रहे अच्छे-बुरे पर ट्रेन के अनाउंसरों ने दिल खोलकर और जी भरकर बातें की। अब इस ट्रेन के लिए बड़े टिकट काउंटर खोलने की तैयारी है। इस ट्रेन के टीसी बनने के लिए कुछ बड़े कद के लोगों ने वर्दी सिलवाने डाल दी है।

Posted By: Ravindra Soni

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