भोपाल। कंप्यूटर बाबा इन दिनों नर्मदा नदी के घाट पर अवैध खनन रोकने के लिए दिन रात पहरा दे रहे हैं। सीहोर के नसरूल्लागंज में दो दिन रूकने के बाद सोमवार को वे रायसेन जिले की बाड़ी तहसील के गोरा मछवाई घाट पर रेत खदान पहुंच गए। उनके साथ पचास से ज्यादा साधु-संतों की टोली भी है।

कंप्यूटर बाबा ने खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल पर भी पलटवार करते हुए कहा कि वे साधु-संतों की मर्यादा भूल रहे हैं। अवैध खनन रोकने के लिए वे कोई काम नहीं कर रहे हैं, उल्टे मुझ पर खनिज विभाग में दखल देने का आरोप लगा रहे हैं।

कंप्यूटर बाबा ने कहा कि चाहे जो हो जाए, मैं मां नर्मदा को नुकसान नहीं पहुंचने दूंगा, मशीनों से खनन बर्दाश्त नहीं होगा। मेरे पास मां नर्मदा और नदियों के संरक्षण का काम है, मैं अपना काम कर रहा हूं, मुझे खनिज विभाग से कोई लेना-देना नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में ऐसे मंत्री होंगे, मुझे उम्मीद नहीं थी।

मध्य प्रदेश की जीवनदायिनी पवित्र नदी नर्मदा में रेत के अवैध उत्खनन को रोकने के लिए मध्य प्रदेश के नदी न्यास अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा शनिवार रात से कुछ साधु-संतों के साथ सीहोर जिले के नसरूल्लागंज के पास नर्मदा नदी के तट पर विरोध स्वरूप धरने पर बैठे थे, सोमवार को रायसेन जिले की सीमा में पहुंच गए। कंप्यूटर बाबा के बचपन का नाम नामदेव त्यागी है, लेकिन प्रदेश में वह कंप्यूटर बाबा के नाम से ही जाने जाते हैं।

बाबा ने सोमवार को फोन पर बताया, हमें अपने टोल फ्री नंबर 18000120106106 पर यहां अवैध रेत उत्खनन की शिकायत मिली थी। मैं रात तुरंत उस स्थान पर पहुंचा। उन्होंने कहा, मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने मुझे मां नर्मदा, मां क्षिप्रा एवं मां मंदाकिनी के संरक्षण के लिए मध्य प्रदेश नदी न्यास का अध्यक्ष बनाया है इसलिए यह मेरी ड्यूटी है कि पवित्र नर्मदा नदी का संरक्षण करूं। उन्होंने खनिज मंत्री को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि वे मुझ पर तो आरोप लगा रहे हैं लेकिन रेत माफिया के खिलाफ एक शब्द बोलने को तैयार नहीं।

Posted By: Hemant Upadhyay

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