भोपाल (ब्यूरो)। निजी मेडिकल कॉलेजों में फर्जी तरीके से एडमिशन कराने वालों का खुलासे का दावा करते हुए नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे ने एक बार फिर मंत्री, पूर्व मंत्री और भाजपा नेताओं के नाम लिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर स्वास्थ्य मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने पुत्र सुकर्ण और पुत्री मृगनयनी और उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने पुत्री निधि और इमि गुप्ता के फर्जी तरीके से एडमिशन कराए हैं, वहीं पूर्व मंत्री प्रकाश सोनकर ने नैना और गीतांजली सोनकर, विष्णुदत्त शर्मा ने भतीजी बबीता का प्रवेश फर्जी तरीके से कराया है।

उन्होंने दावा किया कि 2008 से 13 के बीच कई भाजपा विधायकों ने भी इस तरह से एडमिशन कराए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में सोमवार को कटारे ने पत्रकार वार्ता में कहा कि कुछ एडमिशन डीमेट के माध्यम से तो कुछ इसके पहले हुए हैं। निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष अखिलेश पांडे के बेटे, बेटी और भतीजे का प्रवेश हुआ है। प्रियंका ठाकुर का प्रवेश भी सत्ता में दखल रखने वालों की मदद से कराया गया।

कटारे ने मांग उठाई कि निजी मेडिकल कॉलेजों में हुए प्रवेश की विस्तृत जांच कराई जाए। गड़बड़ी मिलने पर कॉलेजों की मान्यता रद्द की जाए की। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर इस गड़बड़ी को सामने लाने वाले डॉ.आनंद राय के साथ व्हिसिल ब्लोअर अजय दुबे और आशीष चतुर्वेदी को सुरक्षा देने की मांग की है।

उपरीत की जान को खतराः कटारे ने मुख्यमंत्री को लिखे एक अन्य पत्र में कहा है कि व्यापमं के पूर्व अधिकारी योगेश उपरीत की जान को खतरा है। वे डीमेट के कंट्रोलर हैं। वे कई सनसनीखेज और महत्वपूर्ण जानकारियां दे रहे हैं। उनके पास कई और राज भी हैं, जिससे उन्हें डीमेट माफिया से खतरा पैदा हो गया है!

स्वास्थ्य मंत्री ने किया पलटवार

शिवराज मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कटारे से पूछा कि कांग्रेस नेता आरिफ अकील के पुत्र आबिद अकील, पीसी शर्मा की बेटी साक्षी, गजेन्द्र सिंह राजूखेड़ी की पुत्री श्वेता, तुलसी सिलावट के पुत्र चिन्मय, सुनील सूद की पुत्री मीनाक्षी, हजारीलाल रघुवंशी की नाती और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव की चचेरी बहन शिखा यादव के मेडिकल प्रवेश पर क्या कहेंगे।

डीमेट के जरिए प्रवेश के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जब एडमिशन हुए थे, तब डीमेट था ही नहीं। जहां तक मेरे बेटे सुकर्ण का सवाल है तो उसने एमडीएस किया ही नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ.मिश्रा ने कहा कि आधारहीन, तथ्यहीन आरोपों के जरिए सुर्खियों में बने रहना कांग्रेसी नेताओं का शगल बन गया है।

एक कागज के टुकड़े को लेकर किसी पर भी आरोप लगा देना ठीक नहीं है। प्रमाण सहित आरोप लगाएं। सरकार जांच कराएगी पर प्रमाणिकता तो होनी चाहिए। ऐसे ही कांग्रेस के तीन बड़े नेता दिल्ली से आए थे, व्यापमं को लेकर तमाम आरोप लगाए। एसआईटी गए, दस्तावेज दिए पर हाईकोर्ट में दूध का दूध और पानी हो गया। अब मेडिकल एडमिशन का नया शिगूफा लेकर आ गए हैं।

उन्होंने कटारे से सवाल किया है कि उपरीत से उनके क्या रिश्ते हैं, ये उजागर करें। उनकी उपरीत से कब बात हुई। यदि उपरीत ने एडमिशन के फर्जीवाड़े को लेकर कोई प्रमाण दिए हैं तो कटारे उन्हें जनता के सामने रखें।

बच्चों को राजनीति से दूर रखें: डॉ.मिश्रा ने कहा कि बच्चों का राजनीति के खेल में नहीं घसीटना चाहिए। इन्हें इस सबसे दूर रखें, कई और विषय हैं, जिन पर सियासत की जा सकती है। बच्चों को मन लगाकर पढ़ने दें। हम किसी कांग्रेसी नेता के पुत्र, पुत्री, भतीजी या नातिन का नाम नहीं लेना चाहते पर कटारे ने दावा किया कि एक भी कांग्रेस नेता इसमें नहीं है तो हमें आईना दिखाना पड़ा।

अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं कटारेः संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि जब भी विधानसभा का सत्र नजदीक आता है, कटारे ऐसे आरोप लगाने लगते हैं। दरअसल, वे अपने ही दल में अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके नेता प्रतिपक्ष के पद पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वे ऐसे आरोप लगाकर सक्रियता दिखाना चाहते हैं। मानहानि का दावा करने के सवाल पर कहा कि हम जनता में विश्वास रखते हैं और वह इन्हें सबक सिखा रही है।