Navratri 2022: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। नवरात्र पर माता के मंदिरों व घरों और झांकियों में पूजा-अर्चना का दौर चल रहा है। सोमवार को रवि योग के संयोग में दुर्गा अष्टमी मनाई जाएगी। नवरात्र के आठवें दिन को माता आदि शक्ति के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दौरान घरों में कन्या पूजा व भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। मां चामुंडा दरबार के पुजारी पंडित रामजीवन दुबे ने बताया कि महागौरी को आठ साल की उम्र में ही अपने पूर्व जन्म की घटनाओं का आभास हो गया था। उन्होंने आठ वर्ष की उम्र से ही शिव भगवान को पति रूप में पाने के लिए तपस्या शुरू कर दी थी। इसलिए अष्टमी के दिन महागौरी का पूजन करने का विधान है। इस दिन बन रहे संयोग के चलते खरीदारी के लिए शुभ है।

ऐसा है महागौरी का स्वरूप

ज्योतिषियों के अनुसार मां महागौरी को शिवा भी कहा जाता है, इसलिए इनके एक हाथ में दुर्गा शक्ति का प्रतीक त्रिशूल है तो दूसरे हाथ में भगवान शिव का प्रतीक डमरू है। अपने सांसारिक रूप में महागौरी उज्ज्वल, कोमल, श्वेत वर्णी तथा श्वेत वस्त्रधारी और चतुभुर्जा हैं। इनके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे में डमरू है तो तीसरा हाथ वरमुद्रा में हैं और चौथा हाथ एक गृहस्थ महिला की शक्ति को दशार्ता हुआ है। महागौरी को गायन और संगीत बहुत पसंद है। ये सफेद वृषभ यानी बैल पर सवार रहती हैं। इनके समस्त आभूषण आदि भी श्वेत हैं। महागौरी की उपासना से पूर्वसंचित पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इस दिन मां की पूजा करते समय दुर्गा सप्तशती के आठवें अध्याय का पाठ व कन्या पूजन,कन्या भोज कराने से से मां प्रसन्न होती हैं।

पूजा विधि

पूजा करने के लिए भक्त को नवरात्र के आठवें दिन मां की प्रतिमा अथवा चित्र लेकर उसे लकड़ी की चौकी पर विराजमान करना चाहिए।इसके बाद पंचोपचार कर पुष्पमाला अर्पण कर देसी घी का दीपक तथा धूपबत्ती जलानी चाहिए। मां के आगे प्रसाद निवेदन करने के बाद साधक अपने मन को महागौरी के ध्यान में लीन कर ऊं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै, महागौरी देव्यै नम:।। मंत्र का जाप करना चाहिए।

दुर्गाष्टमी पूजन का महत्व

मां महागौरी का राहु ग्रह पर आधिपत्य है। इस कारण राहुदोष से मुक्ति पाने के लिए साधक मां महागौरी की पूजा करते हैं। शादी-विवाह में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए भी मां महागौरी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि माता सीता ने प्रभु श्रीम राम को वर के रूप में पाने के लिए देवी महागौरी की पूजा की थी। मां महागौरी की पूजा से मनोवांछित जीवनसाथी का साथ प्राप्त होता है। दांपत्य जीवन सुखद रहता है।

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Posted By: Lalit Katariya

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