- हबीबगंज री-डेवलपमेंट का काम पिछड़ने पर प्रभारी जीएम ने डेवलपर कंपनी से किए सवाल

- दिसंबर 2019 तक पूरे किए जाने वाले कामों की सूची मांगी

- जुलाई 2019 में पूरा करना था वर्ल्ड क्लास स्टेशन का काम

- अब दिसंबर तक भी पूरा होना असंभव

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

जुलाई 2019 में वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनने वाले हबीबगंज स्टेशन का काम दिसंबर 2019 तक भी पूरा नहीं हो पाएगा। इस बात पर सोमवार को मध्य रेलवे व पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर के जीएम संजीव मित्तल ने नोडल एजेंसी इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कार्पोरेशन (आईआरएसडीसी) व डेवलपर कंपनी के अफसरों की खिंचाई की। वे स्टेशन का निरीक्षण करने आए थे। जीएम ने अफसरों से पूछा कि दिसंबर तक कौन-कौन से काम होने थे और अब कब तक पूरे करोगे। इस पर अफसरों के होश उड़ गए और एक-दूसरे का मुंह देखने लगे। जीएम ने रेलवे प्रशिक्षण केंद्र व निशातपुरा रेलवे अस्पताल का भी निरीक्षण किया।

हबीबगंज रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट का काम मार्च 2017 से चल रहा है। जुलाई 2019 तक स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाना था, जो नहीं बना पाया। तारीख बढ़ाकर दिसंबर 2019 कर दी गई। इस डेडलाइन को भी दो महीने से कम दिन बचे हैं। अभी प्लेटफार्मों की फ्लोरिंग, फुट ओवर ब्रिज, प्लेटफार्म-1 पर शेड व अंडर ग्राउंड सब-वे का अधूरा काम और प्लेटफार्म-1 की तरफ 36 मीटर ऊंची नई बिल्डिंग में यात्री सुविधाओं से जुड़े काम होने हैं। इसके बाद ही री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पूरा होगा। इसके अलावा भी छोटे-मोटे कई काम बाकी हैं। निरीक्षण करने पहुंचे जीएम ने इन कामों पर नोडल एजेंसी व डेवलपर कंपनी से सवाल-जवाब किए। काम में देरी की वजह भी पूछी, साथ ही जल्दी काम पूरे करने के निर्देश दिए। जीएम ने प्लेटफार्म-6 की तरफ से निरीक्षण शुरू किया, प्लेटफार्म-1 तक आए। यहां पर रखी स्टेशन की डिजाइन का अवलोकन किया। हालांकि, रेलवे की तरफ से जारी प्रेस नोट के हवाले से कहा गया है कि जीएम ने हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर चल रहे कामों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया है।

- सर्जरी कक्ष व वालीबॉल ग्राउंड का उद्घाटन किया

जीएम संजीव मित्तल व भोपाल रेल मंडल के डीआरएम उदय बोरवणकर ने रेलवे क्षेत्रिय प्रशिक्षण केंद्र में वालीबॉल ग्राउंड का उद्घाटन व निशातपुरा रेलवे अस्पताल में सर्जरी कक्ष का शुभारंभ किया। इसके अलावा दोनों जगह व्यवस्थाएं देखीं। वे भोपाल रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण करने वाले थे, लेकिन ऐनवक्त पर प्लान बदल दिया और स्टेशन नहीं गए।

- जीएम ने पुरस्कृत भी किया

जीएम ने इंजीनियरिंग विभाग को बेहतर काम करने पर 8 हजार रुपए, क्षेत्रिय प्रशिक्षण केंद्र की बाउंड्रीवॉल पर सुंदर पेंटिंग बनाने वाले ट्रैकमैन को 2 हजार रुपए का नगद पुरस्कार दिया।

- रेलकर्मियों से किए सवाल-जवाब

जीएम ने प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे रेलकर्मियों से सीधा संवाद किया। पूछा कि यदि रेलवे दो हिस्सों में बंट जाए तो क्या करेंगे। इस पर रेलकर्मियों ने जवाब दिया कि ऐसे समय में जो सावधानी बरती जाती है उसका पालन करेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network