भोपाल(राज्य ब्यूरो)। लंबे इंतजार के बाद शनिवार को पंचायत आम चुनावों की घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग ने कर दी है। इसी के साथ प्रदेश में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने पत्रकारों को बताया कि चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे। 6 व 28 जनवरी और 16 फरवरी को मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक कराया जाएगा। सरपंच-पंच पद के लिए डाले गए वोटों की गिनती उसी शाम को कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस चुनाव के लिए 71 हजार 398 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें तीन हजार 95 ऐसे केंद्र हैं, जिन पर मतदाताओं की संख्या 750 से अधिक है। इन केंद्रों पर तीन करोड़ 92 लाख 51 हजार 811 मतदाता मतदान करेंगे। चुनाव प्रक्रिया में चार लाख 25 हजार मतदान कर्मी नियुक्त किए जा रहे हैं।

चुनाव के दौरान कोरोना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। प्रदेश में 841 जिला, 6774 जनपद पंचायत सदस्य, 22,604 सरपंच और तीन लाख 60 हजार 847 पंचों का कार्यकाल मार्च 2020 में समाप्त हो चुका है। इसके बाद से अलग-अलग कारणों से लगातार चुनाव टलते आ रहे हैं। आयोग ने 22 या 23 नवंबर को भी चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की तैयारी की थी, पर 21 नवंबर को राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में किए परिसीमन व आरक्षण को निरस्त करते हुए वर्ष 2014 के परिसीमन एवं आरक्षण के आधार पर चुनाव कराने का निर्णय ले लिया। अब आयोग एक जनवरी 2021 की स्थिति में तैयार मतदाता सूची के आधार पर चुनाव करा रहा है। इस सूची का प्रकाशन तीन मार्च 2021 को किया जा चुका है।

ऐसा रहेगा चुनाव कार्यक्रम

पहला चरण : भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित नौ जिलों में छह जनवरी 2022 को मतदान होगा।

दूसरा चरण : सात जिलों में 28 जनवरी को मतदान कराया जाएगा।

- दोनों चरणों के लिए 13 दिसंबर को निर्वाचन व आरक्षण की सूचना और मतदान केंद्रों की सूची का प्रकाशन होगा। इसी के साथ नाम निर्देशन पत्रों का वितरण शुरू होगा। 23 दिसंबर तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकेंगे।

तीसरा चरण : 36 जिलों में 16 फरवरी को मतदान कराया जाएगा। इसके लिए 30 दिसंबर को निर्वाचन व आरक्षण की सूचना और मतदान केंद्रों की सूची का प्रकाशन, नाम निर्देशन पत्रों का वितरण होगा। 10 जनवरी तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकेंगे।

सरपंच-पंच के लिए केंद्र पर मतगणना

सरपंच और पंच पद के लिए मतदान केंद्र पर मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की जाएगी। जनपद और जिला पंचायत सदस्य के लिए विकास खंड मुख्यालय पर ईवीएम से मतों की गणना पहले, दूसरे और तीसरे चरण में क्रमशः 10 जनवरी, एक फरवरी और 20 फरवरी को की जाएगी। चुनाव से 48 घंटे पहले करेंगे रेंडमाइजेशन कोरोना की ध्यान में रखते हुए 24 की बजाय चुनाव के 48 घंटे पहले मतदान कर्मियों का रेंडमाइजेशन किया जाएगा। जिलों में कर्मचारियों का डाटा तैयार कर लिया है। प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक पीठासीन अधिकारी एवं चार मतदान अधिकारी नियुक्त होंगे। 750 से अधिक संख्या वाले मतदान केंद्रों पर एक मतदानकर्मी अलग से लगाया जाएगा।

एक नजर चुनाव पर...

पद : जिला पंचायत सदस्य के 859, जनपद पंचायत सदस्य के 6727, सरपंद के 22,581 और पंच के तीन लाख 62 हजार 754 पदों के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं।

मतदाता : दो करोड़, दो लाख 30 हजार 95 पुरुष, एक करोड़ 90 लाख 20 हजार 672 महिला और 1044 अन्य मतदाता मतदान करेंगे।

मतपत्र : जिला पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी, जनपद पंचायत सदस्य के लिए पीला, सरपंच के लिए नीला और पंच के लिए सफेद मत पत्र रहेगा।

पहचान पत्र : मतदान के लिए 23 पहचान पत्र मान्य होंगे। इनमें से कोई एक पहचान पत्र लेकर मतदाता मतदान कर सकता है।

ईवीएम : निर्वाचन आयोग के पास सिर्फ 55 हजार ईवीएम हैं। इस वजह से चुनाव तीन चरणों में कराना पड़ रहे हैं। पहले चरण में 26,910, दूसरे में 33,657 और तीसरे में 35,797 मशीनें लगेंगी।

नामांकन : जिला और जनपद पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी अपना नामांकन आनलाइन भी जमा कर सकेंगे, पर उन्हें हार्डकापी तय समय में निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना पड़ेगी। इसके लिए निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में सुविधा केंद्र की व्यवस्था रहेगी।

सुरक्षा प्रबंध : स्ट्रांग रूम, मतदान केंद्र एवं मतगणना स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में 15 हजार 863 संवेदनशील और 6233 अति संवेदनशील मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट की नियुक्ति भी की जाएगी। इसके अलावा सभी जिलों में आयोग प्रेक्षक भी नियुक्त करेगा।

चुनाव प्रचार : चुनावी सभा, रैली का आयोजन सक्षम अधिकारी की अनुमति लेकर किया जा सकेगा। मतदान के 48 घंटे पहले सार्वजनिक सभा, रैली पर प्रतिबंध रहेगा।

Posted By: Prashant Pandey

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