Pensioner's Dearness Relief: भोपाल (राज्य ब्यूरो)। मध्‍य प्रदेश के साढ़े चार लाख से ज्यादा पेंशनर की महंगाई राहत में वृद्धि छत्तीसगढ़ सरकार से सहमति मिलने के बाद ही मिल पाएगी। सरकार कर्मचारियों के बराबर 34 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत बढ़ाने का निर्णय ले चुकी है लेकिन छत्तीसगढ़ की अब तक सहमति नहीं मिली है। इसके कारण पेंशनर को 28 प्रतिशत की दर से ही प्रतिमाह महंगाई राहत मिल रही है।

केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनर की महंगाई राहत चार प्रतिशत बढ़ाकर 38 प्रतिशत कर दी है। राज्य सरकार भी दीपावली के पहले इसकी घोषणा कर सकती है लेकिन इसका लाभ पेंशनर को मिलने की संभावना कम है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने 34 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत देने का निर्णय करके छत्तीसगढ़ से सहमति मांगी थी जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। वहां कर्मचारियों और पेंशनर को 28 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता व राहत दी जा रही है।

पेंशनर के मामले में यही व्यवस्था लागू है क्योंकि अविभाजित मध्य प्रदेश के पेंशनर की पेंशन का 24 प्रतिशत वित्तीय भार छत्तीसगढ़ सरकार उठाती है। पेंशनर एसोसिएशन सहमति प्राप्त करने की व्यवस्था को समाप्त करने की मांग कई बार उठा चुकी है लेकिन इस पर अब तक कोई नीतिगत निर्णय हुआ है। दरअसल, इसको लेकर भी दोनों राज्यों के बीच सहमति होनी चाहिए जो अब तक नहीं बनी है।

दस प्रतिशत का हो जाएगा अंतर

दीपावली के पहले सरकार कर्मचारियों का चार प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय ले लेती है तो 38 प्रतिशत की दर से प्रतिमाह महंगाई भत्ता मिलेगा। जबकि, पेंशनर की महंगाई राहत 28 प्रतिशत ही रहेगी। इस प्रकार अंतर बढ़कर 10 प्रतिशत हो जाएगा। पेंशनर एसोसिएशन मध्य प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गणेश दत्त जोशी का कहना है कि हमारे साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। लंबे समय से महंगाई भत्ते की तुलना में महंगाई राहत में विलंब से वृद्धि हो रही है। एरियर के भुगतान को लेकर भी आज तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जबकि, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को एरियर का भुगतान किया गया है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close