PM Loan Scheme : भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। मोबाइल पर कॉल और मैसेज के जरिए प्रधानमंत्री लोन योजना से पैसा पाने का झांसा देकर पुलिस अफसर समेत 661 लोगों को ठगने वाले छह आरोपितों को सायबर क्राइम ब्रांच ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों ने मप्र समेत अन्य राज्यों में भी वारदातें की हैं। ये लोग ठगी के कुख्यात झारखंड के जमताड़ा शहर की तरह लोन के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए पूरा सिस्टम खड़ा करने की तैयारी में थे। गिरोह का सरगना 15 हजार रुपए प्रति माह की नौकरी पर लोगों को भर्ती करके कॉल सेंटर की तरह फोन करवाता था। क्राइम ब्रांच के अफसरों का कहना है कि इसी तरह से चल रहे एक दर्जन अन्य गिरोहों की तलाश की जा रही है।

एडीजी उपेंद्र जैन के अनुसार 7वीं वाहिनी के कंपनी कमांडर कवरसेन नेहरा ने शिकायत की थी कि उनके साथ लोन देने के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। आरोपित ने लोन प्रोसोसिंग फीस के नाम पर उनसे 1 लाख 81 हजार रुपये ले लिए हैं। पीड़ित ने विज्ञापन में दिए नंबर के आधार पर कम ब्याज दर लोन के लिए संपर्क किया था। उन्हें 15 लाख का लोन स्वीकृत करने के नाम पर यह रकम अलग- अलग बैंक खातों में जमा करवाई गई। इसके बाद एफआईआर पुलिस को टीम को जांच में लगाया था।

ऐसे ठगते थे : कोरोना काल का फायदा उठाकर पीएम लोन देने के भेजे संदेश

आरोपित बेहद शातिर थे। वह लॉकडाउन में लोगों को फंसाने के लिए कोरोना वायरस के कारण प्रधानमंत्री लोन देने का संदेश मोबाइल पर भेजते थे। बाद में एक आरोपित मैनेजर बनकर फोन कर लोगों को मनमाफिक लोन देने की बात करता था। इसके लिए वह एटीएम कार्ड से लेकर जरूरी दस्तावेज गिरवी रखने की शर्त रखता। जाल में फंसते ही ये लोग पीड़ित से प्रोसोसिंग फीस के नाम पर रकम अलग-अलग खातों में जमा करवाते थे। पीड़ित के दस्तावेज से ये लोग बैंक में खाता भी खोलते थे। इसमें रकम आते ही उसे तत्काल निकाल लेते थे। इन लोगों से पेन ड्राइव, 16 मोबाइल फोन, छह रजिस्टर हिसाब के, 36 पॉकेट डायरी और कुछ फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

छह साल से कर रहे थे ठगी

यह गिरोह छह साल से लोगों को लोन के नाम पर ठग रहा था। इस गिरोह का सेटअप कोटा राजस्थान में लॉकडाउन के पहले तक सक्रिय रहा है। लॉकडाउन के बाद चंबल संभाग के श्योपुर जिले के सीमा पर सक्रिय हुआ। इस गिरोह का सरगना बजाज नगर श्योपुर का रहने वाला सुरेश राजपूत है। उसने पूछताछ में कबूल किया है कि वह छह साल से इस प्रकार लोगों के साथ ठगी कर रहा था। वह खुद दसवीं तक पढ़ा है। 2014 में वह खेती के काम से करनाल हरियाणा गया। वहां लोगों को झांसा देना सीखा था। अब उसके सिखाए करीब एक दर्जन गिरोह सक्रिय हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगी है। वह नौकरी पर रखने के बाद उन लोगों को ट्रेनिंग भी देता था।

यह आरोपित गिरफ्तार

सरगना सुरेश के अलावा उसके गिरोह के मानपुर श्योपुर निवासी बृजपाल राजपूत (32) पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है। बृजेश कुमार (30)निवासी ग्राम ढ़ोढ़र श्योपुर अनपढ़ है। पंकज कुशवाह (24) निवासी सदर गाजीपुर उप्र, संजू राजपूत निवासी भिलावरी वीरपुर जिला श्योपुर और प्रिंस कुमार सिंह (22) निवासी ग्राम अमनोर बिहार है।

सायबर क्राइम ब्रांच की मदद से इस गिरोह को गिरफ्तार किया है। आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। यह गिरोह पिछले करीब छह साल से वारदात कर रहा था। - उपेंद्र जैन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक

Posted By: Prashant Pandey

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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