धनंजय प्रताप सिंह, भोपाल। नईदुनिया। राज्यसभा चुनाव से ठीक महीना भर पहले मध्य प्रदेश में सियासी उठापटक तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं के बीच चल रहे अंतर्विरोध और सत्ता के करीब पहुंचकर भी विपक्ष में बैठी भाजपा की बेचैनी के सियासी मोर्चों में कई मायने निकाले जा रहे हैं। इन अटकलों को बल तब मिला, जब दो दिन दिल्ली रहकर लौटे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को एक बार फिर दिल्ली बुला लिया गया।

इस बीच राज्यपाल लालजी टंडन शनिवार को ही दिल्ली गए और उसी रात वापस लौट भी आए। उनके लौटते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रात में उनसे मुलाकात की। इधर, दिनभर पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भोपाल आने की अटकलें भी चलती रहीं। सिंधिया की इन दिनों मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ दिल्ली दरबार से भी नाराजगी चल रही है, इसलिए माना जा रहा है कि उनकी भोपाल यात्रा से नए समीकरण बन सकते हैं। ये प्रदेश में किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की ओर इशारा कर रहा है।

भाजपा सूत्रों की मानें तो राज्यसभा चुनाव की दूसरी सीट हथियाने के लिए मध्य प्रदेश में सियासी उठापटक का ताना-बाना दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान बुना गया। तब शिवराज सिंह चौहान सहित कई विधायक और पूर्व मंत्री लगभग एक सप्ताह तक दिल्ली में रहे। सूत्र बताते हैं कि आठ जनवरी को भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह से शिवराज की लंबी मुलाकात हुई थी।

इससे ही प्रदेश में शक्ति प्रदर्शन की सुगबुगाहट शुरू हुई थी। इसके बाद से शिवराज दिल्ली में कई दिग्गजों से मुलाकात कर चुके हैं। 20-21 फरवरी को दो दिन वे दिल्ली में रहे, फिर 22 को पार्टी ने उन्हें दिल्ली तलब किया था। कहते हैं कि प्रदेश के नेताओं ने हाईकमान को आश्वस्त किया है कि कांग्रेस के अंतर्विरोध का उन्हें पूरा फायदा मिल सकता है। इस आधार पर पार्टी ने भी ताकत आजमाने के लिए हरी झंडी दे दी है।

दिल्ली से लौटे राज्यपाल

इन सियासी चर्चाओं को बल तब मिला, जब राज्यपाल लालजी टंडन का भी दिल्ली दौरा हुआ। उनके दिल्ली दौरे को भी अहम माना जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि राज्यपाल की इस यात्रा का प्रयोजन भले ही सियासी नहीं था, लेकिन दिल्ली में उनसे हुई मुलाकतों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। राज्यपाल के लौटते ही शनिवार देर रात कमलनाथ भी राज्यपाल लालजी टंडन से मिलने पहुंचे। कहा जा रहा है कि ये मुख्यमंत्री की सौजन्य मुलाकात है।

सिंधिया के भोपाल आने की अटकलें

शनिवार को अचानक बढ़े इन सियासी घटनाक्रम के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भोपाल आने की अटकलें लगाई जाती रहीं। यही वजह है कि भोपाल का सियासी पारा एकदम गर्म हो गया था।

सिंधिया-कमलनाथ के बीच तकरार

पिछले दो-ढाई साल से पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री कमलनाथ के बीच तकरार चल रही है। चुनाव से पहले चेहरे को लेकर तकरार थी तो बाद में सरकार वजह बन गई। अब तो मामला आमने-सामने की जंग में तब्दील हो गया है। सिंधिया ने चुनावी वादों के पूरा न होने पर सड़क पर उतरकर आंदोलन करने का मुद्दा उठाया तो कमलनाथ ने कह दिया कि उतर जाओ। जाहिर है, यही अंतर्विरोध का फायदा भाजपा को मिल रहा है।

Posted By: Hemant Upadhyay