भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के उपनगर कोलार में अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। अतिक्रमणकारी कोलार डैम से निकलने वाले पानी को पहुंचाने के लिए बनाई गई पाइपलाइन को भी नहीं छोड़ रहे हैं। पाइपलाइन पर अवैध गुमठियां तन रही हैं और जिम्‍मेदार अधिकारियों का इस ओर ध्‍यान ही नहीं है।

अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि पहले बकायदा कोलार पाइपलाइन के ऊपर मिट्टी डालते हैं, इसके बाद मुरम व कोपरा डलवा देते हैं। फिर आठ से दस दिन बाद लोहा-चद्दर की गुमठियां स्‍थापित कर दी जाती हैं।

स्थिति यह है कि एक साल पहले कोलार सर्वधर्म ब्रिज से निकलने वाली पाइपलाइन पर भोजमुक्त विश्वविद्यालय तक 70 से 80 दुकानें थीं। अब बढ़कर अवैध दुकानों की संख्या 150 के पार हो गई है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो पूरी जल्‍द ही पूरी पाइपलाइन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा हो जाएगा।

स्थानीय लोगों की शिकायत है कि अतिक्रमण को रोकने की जिम्मेदारी नगर निगम और जिला प्रशासन की है। अनेक जिम्मेदार अधिकारी रोजाना कोलार रोड से निकलते हैं, फिर भी उन्हें पाइपलाइन पर होने पर होने वाला अतिक्रमण नहीं दिखता है। इसी के चलते लगातार अवैध दुकानों की संख्या बढ़ती जा रही है। चिकन शॉप, फर्नीचर, सैलून सहित कई तरह की दुकानें पाइपलाइन के ऊपर खुल गई हैं। इतना ही नहीं, अतिक्रमणकारी अवैध गुमठियां स्‍थापित कर इन्‍हें दूसरों को किराए पर देते हुए धड़ल्‍ले से कमाई कर रहे हैं। दुकानों के बाहर लोग खरीदारी करने के लिए अपने वाहन खड़े करते हैं। इससे पीक आवर्स में रोजाना ट्रैफिक जाम के हालात बन जाते हैं। इस संबंध में नगर निगम जोन-18 के अधिकारी बीएस साहू ने बताया कि जल्द ही अतिक्रमण प्रभारी से कहकर निरीक्षण कर देखा जाएगा कि दुकानें अवैध है या नहीं। यदि अवैध हैं तो कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Ravindra Soni

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