जशपुरनगर। शनिवार को ग्राम कोतबा चौकी अंतर्गत पंचायत मधुबन में ट्रैक्टर दुर्घटना में हुई युवक की मौत के बाद पीएम को लेकर बड़ी समस्या उत्पन हो गई। शाम चार बजे से पीएम के लिए परिजन चीर घर के पास चिकित्सक का इंतजार करते रहे, लेकिन जानकारी मिलते ही चिकित्सक सहायक कर्मचारी नहीं होने की बात कहकर गायब हो गए।

इधर सहायक कर्मचारी शाम चार बजे से ही चिकित्सक का इंतजार करता रहा। देर रात आठ बजे चिकित्सक पहुंचे और रात के अंधेरे में टार्च की रोशनी में पीएम किया गया। नियमों के मुताबिक शाम 6 बजे के बाद पीएम नहीं किया जाता है।

शनिवार को दर्दनाक दुर्घटना में मौत के शिकार युवक के परिजनों को स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही का सामना करना पड़ा और देर रात पेड़ के नीचे में टार्च की रोशनी में आनन- फानन पीएम किया गया। जिससे मृतक परिजनों सहित क्षेत्र के निवासियायें ने जमकर नाराजगी व्यक्त की है। स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी लापरवाही के उजागर होने पर नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने भी कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए घटना की निंदा की है।

उल्लेखनीय है कि शनिवार को दोपहर लगभग 12 बजे ग्राम पंचायत मधुबन के सरपंच मति साय पैंकरा के बाड़ी से ट्रैक्टर निकालने के दौरान दुर्घटना हुई, जिसमें चालक भोगेंद्र पैंकरा पिता बलवीर पैंकरा (18) की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी। पुलिस की मदद से जेसीबी मंगाकर मृतक युवक का शव निकाला गया था और पंचनामा बनाकर पुलिस ने शव को पीएम लिए कोतबा स्थित चीरघर भेज दिया। परिजन शाम 4 बजे शव लेकर पहुचे तो कोतबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डॉ एस ठाकुर अपना सेलफोन बन्द कर मुख्यालय छोड़कर पत्थलगांव निकल गए और परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

चिकित्सक को घटना और पीएम किए जाने की जानकारी दोपहर दो बजे ही मिल गई थी। मामले की जानकारी जब नगर पंचायत उपाध्यक्ष सुमित शर्मा को मिली तो उन्होंने भी अस्पताल पहुह्णचकर डॉक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया। लेकिन असफल रहे उन्होंने मामले को लेकर पत्थलगांव बीएमओ डॉ जे मिंज से संपर्क किया और मामले की जानकारी देकर नाराजगी जताते हुये पदस्थ डॉक्टर के कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही को अवगत कराया। आनन- फानन में बीएमओ जे मिंज ने यहां पदस्थ डॉक्टर के परिजनों से संपर्क करते हुये पुन: कोतबा स्थित चीरघर भेजा और रात के अंधेरे में पेड़ के नीचे टार्च की रोशनी में पीएम किया गया।

स्वीपर बुलाकर गायब हो गए चिकित्सक

बताया जा रहा है कि घटना के बाद यहां पदस्थ चिकित्सक को पुलिस के द्वारा जानकारी दिया गया था कि एक मर्ग कायम हुआ है, जिसका पीएम करना होगा। जिसपर पदस्थ चिकित्सक ने स्वीपर नही होने की बात कहकर पत्थलगांव से बुलाने की बात कही थी। इधर पुलिस ने पत्थलगांव से स्वीपर बुला लिया।

इसके बावजूद चिकित्सक सबकुछ जानते हुये अपना मोबाईल बंद कर 4 बजे शाम को ही पत्थलगांव चल पड़े। मृतक के परिजन भानुप्रताप ,नूतन साय ने बताया कि देर रात पीएम होने के कारण उन्हें बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है और पीएम की गुणवत्ता पर भी संदेह होता है। इस लापरवाही के कारण परिजनों को आधी रात को दाह संस्कार करना पड़ा।