मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में किया स्वास्थ्य सेवाओं का भूमि-पूजन

भोपाल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जब कोई बीमार होता है तो उसके मुंह से सबसे पहले भगवान का नाम निकलता है, इसके बाद उसके सामने जो प्रकट होता है वह डाक्टर, नर्स या पैरामेडिकल स्टाफ होता है। उसको उन सभी स्वास्थ्य कर्मियों में भगवान ही दिखाई पड़ता है। अगर मुश्किल के समय एक अच्छा डाक्टर मिल जाए और वह रोगी की अच्छे से देखभाल करे तो रोगी के लिए उससे बढ़कर कुछ नहीं होता और यदि कोई चिकित्सक रोगी के प्रति सद्भावना रखते हुए उसे तसल्ली के दो शब्द बोल देता है तो रोगी के लिए वह शब्द ही पथ्य का काम करते हैं।

यह सीख राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने शनिवार को चिकित्सकों को दी। उन्होंने राजधानी के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग के नवीन स्वास्थ्य संस्था भवनों का रिमोट का बटन दबाकर भूमि-पूजन किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि मरीज के जीवन की रक्षा के लिए डाक्टर को बड़ी जिम्मेदारी और सावधानी से सभी कार्य करने होते हैं। काम का बोझ भी रहता है। फिर भी कुशल डाक्टर हर परिस्थिति में सेवाभाव से मरीज की देखभाल करता है। लेकिन कभी-कभी ऐसी घटनाएं भी सामने आती हैं, जिनमें डाक्टर के साथ बदसलूकी की गई, यह विचार करना चाहिए कि डाक्टर भी आखिर मनुष्य होता है, कभी-कभी उससे भी गलती हो जाती है। इसलिए रोगियों और उनके तीमारदारों को संयम और धैर्य से काम लेना चाहिए।

योग आयोग का गठन होगा : मुख्यमंत्री

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रदेश की कुल जनसंख्या की 31 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के लोग हैं। इनमें सिकल सेल एनीमिया रोग के नियंत्रण के लिए जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सिकल सेल एनीमिया रोग नियंत्रण मिशन की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीब को निश्शुल्क इलाज मिले इसके तहत प्रदेश में दो करोड़ 70 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। योग से निरोग जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। मप्र में हम योग आयोग का गठन करने जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में भी योग की शिक्षा देंगे। कार्यक्रम में प्रथम महिला सविता कोविन्द, राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उनकी पत्नी साधना सिंह, स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर मंच पर उपस्थित थीं।

Posted By: Lalit Katariya

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