भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। Priyanka Gandhi मध्य प्रदेश में अप्रैल में राज्यसभा की रिक्त होने वाली तीन सीटों में से एक सीट पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को उतारे जाने की अटकलों पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने मौन साध रखा है। पार्टी के विधायक, पीसीसी पदाधिकारी जरूर प्रियंका को प्रदेश से राज्यसभा भेजे जाने के पक्ष में उतर रहे हैं, लेकिन ऊपर क्या चल रहा है, इसकी किसी को भनक तक नहीं है। यह अवश्य कहा जा रहा है कि कांग्रेस को प्रदेश से मिलने जा रही दो राज्यसभा सीटों में से एक पर प्रदेश के बाहर के किसी नेता को भेजा जा सकता है।

दो महीने बाद मध्य प्रदेश में तीन सीटों (दो सीटें कांग्रेस को) के लिए राज्यसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसे लेकर तीन दिन से प्रियंका गांधी के नाम की अटकलें हैं।

पीसीसी के संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने इस बारे में टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि अभी तक पीसीसी को एआईसीसी की तरफ से कोई पत्र नहीं मिला है। उल्लेखनीय है कि प्रियंका गांधी को प्रदेश से राज्यसभा भेजे जाने की बयानबाजी की शुरुआत कमलनाथ सरकार के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की मांग से हुई।

इसके बाद सोमवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव भी ट्वीट कर मैदान में उतरे। उन्होंने प्रियंका को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजे जाने को सामयिक बताते हुए लिखा कि इससे राज्यसभा में फांसीवादी विचारधारा के खिलाफ जमीनी संघर्ष की धार को और अधिक तीखा किया जा सकेगा।

कांग्रेस विधायक नीलांशु चतुर्वेदी ने भी प्रियंका गांधी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव में उतारे जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि प्रियंका के मध्य प्रदेश से जुड़ने पर संगठन को मजबूती मिलेगी।

वहीं, पूर्व विधायक हामीद काजी ने कहा कि प्रियंका को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा जाता है तो अच्छा फैसला होगा। दूसरी तरफ पीसीसी के महामंत्री महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वे हाईकमान को पत्र लिखकर प्रियंका गांधी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा का टिकट दिए जाने की मांग करेंगे।

टीकमगढ़ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहीं किरण अहिरवार ने कहा कि प्रियंका गांधी की आवश्यकता आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को ज्यादा है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं तो उन्हें वहां ज्यादा से ज्यादा समय देना होगा।

Posted By: Hemant Upadhyay