भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। पश्चिम मध्य रेलवे ने बीते पांच सालों में तेजी से नए फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का निर्माण किया है, जिसके बाद इनकी संख्या बढ़कर 120 हो गई है। इन एफओबी से रोजाना आठ से दस लाख यात्री उपयोग कर रहे हैं। इनमें से 75 फीसद ब्रिज ऐसे हैं, जिनकी उम्र 50 साल से अधिक है। 15 फीसद ब्रिज 25 से 30 साल पुराने हैं और 10 फीसद ब्रिज नए हैं। भोपाल रेल मंडल के 30 स्टेशनों पर 32 एफओबी, जबलपुर के 47 स्टेशन पर 59 एफओबी और कोटा के 30 स्टेशनों पर 33 एफओबी हैं।

बता दें कि वर्ष 2016 तक भोपाल रेल मंडल समेत जोन में ब्रिजों की संख्या 100 से कम थी। यात्रियों की मांग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के सुझाव के बाद 20 नए ब्रिजों का निर्माण पूरा करा लिया है। पश्चिम-मध्य रेलवे जबलपुर जोन के मुख्य प्रवक्ता राहुल जयपुरिया ने बताया कि आने वाले सालों में और भी फुट ओवरब्रिज के निर्माण की योजना है। जिस पर रेल मंडल कार्यालय स्तर से कार्रवाई चल रही है।

पुराने एफओबी को हटाकर नए ब्रिज बनाए

रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि कुछ स्टेशन ऐसे भी हैं, जहां पुराने ब्रिजों को हटाकर नए ब्रिज बनाए हैं। नए ब्रिज कम से कम 60 से 70 साल तक चलेंगे। स्टेशनों पर यात्रियों का दबाव बढ़ा तो ऐसे ब्रिजों का विस्तार भी कर सकते हैं।

होशंगाबाद समेत कई स्टेशनों पर अतिरिक्त ब्रिज का निर्माण

रेलवे ने यात्रियों के दबाव और असुविधा को देखते हुए होशंगाबाद समेत कई स्टेशनों पर अतिरिक्त ब्रिजों का निर्माण किया है। ये निर्माण उन स्टेशनों पर किए हैं, जहां पहले से एक ब्रिज था लेकिन उस पर दबाव बढ़ रहा था। साथ ही ब्रिज स्टेशन के एक छोर पर थे और दूसरी छोर के यात्रियों को काफी पैदल चलना पड़ता था, जिसे देखते हुए संबंधित स्टेशनों पर अतिरिक्त ब्रिजों का निर्माण किया है।

Posted By: Ravindra Soni

NaiDunia Local
NaiDunia Local