भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। ट्रेनों में बच्‍चों से भीख मंगवाने वालों के गिरोह पर मेरी सहेलियों का डंडा खूब चला है। इन वर्दीधारी मेरी सहेलियों ने बीते पांच महीने में भोपाल मंडल समेत पश्चिम मध्य रेलवे में 343 बच्चों की मदद की है। ये वे बच्चे हैं, जिनसे ट्रेनों में भीख मंगवा रहे थे या फिर ये घर से गुस्से में निकल गए थे। कुछ ट्रेनों और स्टेशनों की भीड़ में बच्‍चे बिछड़ गए थे।

ऐसे गरीब अभिभावक, जो ट्रेनों में बच्चों से भीख मंगवा रहे थे, उन्हें समझाइश दी। एक बार समझाने के बाद दोबारा बच्चों से भीख मंगवाते मिलने पर कार्रवाई की और जो बच्चे घर से गुस्से में निकले थे, उन्हें सही सलामत उनके अभिभावकों तक पहुंचाया। इसके अलावा मेरी सहेलियों ने अकेले सफर कर रही 10 हजार 509 महिला यात्रियों को सहारा दिया है। इनमें से ज्यादातर वे महिलाएं हैं, जिन्होंने मेरी सहेलियों से मदद मांगी थी। यह मदद अप्रैल 2021 से अगस्त 2021 तक पहुंचाई है।

दरअसल, मेरी सहेली भारतीय रेलवे का एक अभियान है, जो स्टेशन और ट्रेनों में बच्चों और महिलाओं की मदद के लिए चलाया गया है। इसकी शुरूआत 15 अक्टूबर 2020 से हुई थी। मेरी सहेली दल में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) की महिला उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक होती हैं।

रोजाना 40 ट्रेनों में दबिश

भोपाल रेल मंडल के तहत मेरी सहेली दल में आरपीएफ की दो महिला अधिकारी, 15 महिला जवान शामिल हैं। इसी तरह जबलपुर मंडल में चार महिला अधिकारी, 20 महिला जवान और कोटा रेल मंडल में 12 महिला जवान की तैनाती की गई है। ये महिला अधिकारी व जवान भोपाल समेत पश्चिम मध्य रेलवे से प्रतिदिन गुजरने वाली 40 ट्रेनों में औचक दबिश देती हैं और जांच पड़ताल करती हैं। स्टेशनों पर भी मदद पहुंचाती हैं। मेरी सहेली दल में शामिल महिला जवानों के अलावा सामान्य तौर पर ट्रेनों में आरपीएफ व जीआरपी के जवान का गश्ती दल अलग तैनात रहता है। रेलवे ने यह कदम अपराधों को रोकने की दिशा में उठाया है।

ऐसे भी करती हैं मदद

प्रतीक्षालयों में ट्रेनों का इंतजार करने वाली महिला यात्रियों को ट्रेनों में बरतने वाली सावधानियों के बारे में बताती हैं। महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन नंबर 182 पर मदद मांगने के तरीके बताती हैं। मुसीबत के समय टि्वटर, रेलवे सुविधा नंबर 139 पर समस्या दर्ज करने के बारे में जानकारी दे रही हैं। वेंडर, स्टॉल संचालक, कुली और रेल परिसर से ऑटो का संचालन करने वाले ड्राइवरों को समझाइश दे रही हैं कि महिला यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें।

मंडलवार महिला यात्री की मदद

मंडल-----पहुंचाई गई मदद

भोपाल----8000

जबलपुर---1150

कोटा----1359

रेलवे सभी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए संवेदनशील है, लेकिन महिला यात्री और बच्चों के प्रति अधिक गंभीरता बरत रहे हैं। इनकी मदद के लिए मेरी सहेली अभियान चलाया है, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। सबसे अच्छा काम भोपाल रेल मंडल ने किया है। अकेले दिखने वाले, भीख मांगने वाले बच्चों की काउंसिलिंग कर रहे हैं। महिलाओं को मदद पहुंचाई जा रही है।

- राहुल जयपुरिया, मुख्य प्रवक्ता, पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर जोन

Posted By: Ravindra Soni

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