भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। आमतौर पर रेलवे बारिश में ट्रैक की निगरानी कराता है। मैदानी स्तर पर यह काम गैंगमैन करते है और स्थिति से वरिष्ठ खंड अभियंता (एसएसई) रेल पथ को अवगत कराते हैं। स्थिति गंभीर हो तो एसएसई भी निगरानी करने के लिए जाते है। अब रेलवे ने भारी बारिश व जलभराव की संभावना वाले रेलखंडों में एसएसई को अनिवार्य रूप से मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। पूर्व की तरह गैंगमैन की टीम भी निगरानी करेगी। इस टीम में अतिरिक्त रेलकर्मी भी शामिल रहेंगे। एसएसई व गैंगमैनों को अपने-अपने रेलखंडों की हर घंटे की रिपोर्ट तैयार करनी होगी। अभी तक ट्रैक की स्थिति से गैंगमैन एसएसई को अवगत कराते थे और एसएसई वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट देते थे। अब एसएसई को भी मौके पर रहना होगा।

दरअसल पिछले दो-तीन दिनों से ग्वालियर, शिवपुरी, गुना क्षेत्र में भारी बारिश का दौर जारी है। सोमवार रात को ग्वालियर-गुना रेल मार्ग पर ट्रैक का कुछ हिस्सा बह गया है। बुधवार दोपहर तक यह ठीक नहीं हुआ है। प्रभावित ट्रैक पर ग्वालियर-रतलाम स्पेशल एक्सप्रेस प्रवेश करती, उसके पहले गैंगमैन व एसएसई की सतर्कता से उसे रोक लिया गया था। इस तरह हादसा टल गया और हजारों यात्री सुरक्षित बच गए हैं। अभी बारिश के सीजन का आधे से अधिक समय बचा हुआ है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग की चेतावनी और ग्वालियर-गुना रेलखंड में हुई ट्रैक बहने की घटना के बाद पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल, जबलपुर व कोटा रेल मंडल के सभी रेलखंडों के एसएसई को विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। खासकर बारिश में जलभराव के दौरान प्रत्येक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ट्रेन चलाने के लिए कहा है। ट्रेन के ड्राइवर, सहायक ड्राइवर और गार्ड को सावधानी रखने के लिए बोला गया है। ट्रैक से जुड़े सभी वरिष्ठ रेल अधिकारियों और मैदानी रेल कर्मियों को विशेष सतर्कता बरने के निर्देश दिए हैं।

Posted By: Ravindra Soni

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