Railway News: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। भोपाल रेल मंडल समेत पश्चिम-मध्य रेलवे के स्टेशनों पर 113 करोड़ से यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। यह राशि अगले पांच साल में खर्च की जाएगी। इस राशि की आवक रेलवे ने गैर-जरूरी और खराब हो चुके कलपुर्जों को बेचकर अर्जित की है, जिसमें भोपाल रेल मंडल का भी हिस्सा है। इस राशि से स्टेशनों पर प्लेटफार्मों का विकास किया जाएगा। नए फुटओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। पेयजल आपूर्ति को और बेहतर बनाया जाएगा। स्टेशनों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। जिन रेल मार्गों पर अभी सिंगल लाइन है, वहां दोहरीकरण होगा। तीसरी रेल लाइन का बचा काम तेजी से किया जाएगा।

तीनों रेल मंडलों ने की है कमाई

बता दें कि पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल, जबलपुर, कोटा रेल मंडल ने पुराने कोच, रेल इंजन, पटरियां और उनसे निकले उपयोगविहीन कल-पुर्जों (स्क्रैप) को बेचकर 113 करोड़ रुपये कमाए हैं। यह कमाई बीते एक साल में की है।

पश्चिम-मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता राहुल जयपुरिया ने बताया कि तीनों मंडलों से 26 हजार 281 मीट्रिक टन स्क्रैप बेचा गया है। इसमें मालगाड़ियों के 87 डिब्बे, सात रेल इंजन, 19 यात्री कोच, 11 हजार 178 मीट्रिक टन खराब रेल पटरियों समेत अन्य स्क्रैप शामिल है। जोन के महाप्रबंधक रेल सुधीर कुमार गुप्ता ने बताया कि स्क्रैप का निपटान करने से रेलवे की जमीन खाली हुई है, जहां पौधे लगाए जा रहे हैं। गार्डन विकसित करने की योजना है। जरूरत के हिसाब से भवनों का निर्माण किया जाएगा। जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिग अपनाएंगे। रेलवे की जमीन पर डैम बनाकर बारिश के पानी को सहेजेंगे। ट्रेन परिचालन में आधुनिक तकनीकी का उपयोग करेंगे। साथ ही ट्रेनों में जर्मन कंपनी लिंक हॉफमैन बुश के तकनीकी सहयोग से बनने वाले एलएचबी कोचों का उपयोग बढ़ाएंगे।

Posted By: Ravindra Soni

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