भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। संसार में सबसे पवित्र रिश्ता भाई-बहन का माना जाता है। जाने-अनजाने में हुर्इ गलतियों के चलते कई लोग जेल में बंद है। गुरुवार को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बहनें जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंची थीं, लेकिन रूबरू मिलने पर पाबंदी होने के कारण उन्हें हल्दी, कुंकुम के साथ लिफाफे में भाई तक राखी भेजकर संतोष करना पड़ा था। उधर गुरूवार शाम को सरकार ने रक्षाबंधन मनाने के लिए जेल के अंदर बहनों के प्रवेश पर लगी पाबंदी हटा ली थी। इसके बाद शुक्रवार को जेल प्रशासन ने राखी का त्‍योहार मनाने के विशेष इंतजाम भी किए हैं।

सेंट्रल जेल भोपाल में पहले रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर बहने जेल में बंद भाइयों को रूबरू होकर राखी बांधती थी। बदले में रक्षा का वचन लेकर भाई से उपहार भी हासिल करती थीं। जेल परिसर में बाकायदा पंडाल लगाया जाता था। सिमी जेल ब्रेक के बाद सुरक्षा कारणों से ईद, दीपावली, रक्षाबंधन पर इस तरह के कार्यक्रम पर रोक लगा दी गई। गुरुवार को कुछ जगहों पर जेल के सामने हंगामे के बाद शासन ने जेल में प्रवेश कर राखी बांधने में लगी रोक हटाने का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद शुक्रवार को सुबह से ही राजधानी के अलावा आसपास के जिलों से महिलाएं सेंट्रल जेल पहुंचने लगी थीं। जेल में बने शेड में वह अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी खुशहाली की कामना कर रक्षा का वचन ले रही हैं। भाई भी यथायोग्य उपहार अपनी बहनों को दे रहे हैं।

सेंट्रल जेल के उप अधीक्षक अजय खरे ने बताया कि गुरुवार शाम तक लगभग 30 महिलाओं ने अपने भाइयों तक राखी पहुंचाई थी। गुरुवार शाम को जेल के अंदर रक्षाबंधन मनाने की अनुमति का आदेश मिला है। इसके तहत शुक्रवार को बहनें जेल के अंदर जाकर अपने बंदी भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध रहीं हैं। इसके लिए जेल प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए हैं। त्‍योहार को देखते हुए कैंटीन में बिक्री के लिए मिष्ठान भी उपलब्ध कराया गया है।

Posted By: Ravindra Soni

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