स्वराज भवन में क्रिएटिव रंगोली प्रदर्शनी का आयोजन

भोपाल। नवदुनिया रिपोर्टर

किसी ने गांधीजी को चरखा चलाते हुए दिखाया तो किसी ने अन्य नेताओं के साथ उनकी पदयात्रा का चित्रण किया। किसी ने जीव-जंतु और पेड़-पौधों का चित्र बनाया तो किसी ने प्रकृति के विभिन्न अवयवों की कल्पना में रंग भरे। यह नजारा था महात्मा गांधी की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में स्वराज भवन की आर्ट गैलरी में आयोजित क्रिएटिव रंगोली प्रदर्शनी का। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र,नागपुर एवं स्वराज संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 21 जुलाई तक चलने वाली प्रदर्शनी में महाराष्ट्र की पारंपरिक रंगोली के छह दक्ष कलाकार महात्मा गांधी के जीवनकाल के प्रमुख प्रसंगों को रंगोली (पावडर) के रंगों से चित्रांकित कर रहे हैं। कुछ महिला कलाकार पेड़ पौधों और जीव-जंतुओं के चित्र भी बना रही हैं।

केंद्र के गोपाल बेलावर ने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य पारंपरिक रंगोली के माध्यम से व्यक्ति चित्रण का प्रचार-प्रसार और और इस अनोखी कला शैली को मप्र के कलाप्रेमियों तक पहुंचाना है। इस निशुल्क कार्यक्रम में सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक भाग लिया जा सकता है।

यह कलाकार शामिल

प्रदर्शनी में समीर पेंडुरिकर, शुभधा कासले, सिद्घेश भोगले, उदय भोगले, प्रथमेश भोगले और श्रुति क्रिपाल अपनी रचनात्मकता दिखा रहे हैं।