-300 पुलिसकर्मियों की टीम ने जुटाए अहम सुराग

-हादसे के बाद पहली बार रति ने चम्मच से खाई खीर

भोपाल (नप्र)। लूटपाट का विरोध करने पर चलती मालवा एक्सप्रेस से फेंक दी गई रति त्रिपाठी की हालत में सुधार जारी है। एक माह से अधिक समय से अस्पताल में भर्ती रति ने पहली बार मां के हाथ से पांच चम्मच सूजी(रवा) की खीर खाई। उधर इस मामले को सुलझाने में दिन-रात जुटी रेलवे पुलिस ने काफी अहम सुराग जुटा लिए हैं। पुलिस का कहना है कि रति द्वारा पहचान करते ही बदमाश गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।

रेलवे पुलिस के मुताबिक घटना को गंभीरता से लेते हुए अपराधियों की तलाश के लिए वरिष्ठ अफसरों के नेतृत्व में 300 लोगों की टीम बनाई गई थी। करीब 20 दिनों तक एमपी, यूपी के इलाकों की खाक छानने के बाद काफी अहम सुराग जुटा लिए गए। इसके बाद जांच टीम में लगे आधे लोगों को अपनी-अपनी ड्यूटी पर वापस भेज दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि इस सनसनीखेज मामले में शामिल अपराधियों को भी चिन्हित कर लिया गया है। इस मामले में काफी देर से सामने आए चश्मदीद की भी मदद ली गई है। लेकिन पूरे मामले का पर्दाफाश करने के लिए रति के पूरी तरह होश में आने का इंतजार किया जा रहा है। रति द्वारा बदमाशों की पहचान करते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना को उत्तरप्रदेश के शातिर अपराधियों ने अंजाम दिया है।

रति की आवाज सुनने के लिए अभी करना होगा इंतजार

रति की मां श्रीमती मिथ्या त्रिपाठी ने बताया कि अभी उसे नली के जरिए लिक्वड फूड दिया जा रहा है। लेकिन शनिवार को डॉक्टरों की सलाह के बाद रति को सूजी की खीर खिलाई गई। उसने बड़े चाव से पांच चम्मच खीर खाई। उन्होंने बताया कि रति आवाज पहचानती है। इशारे भी समझ रही है, लेकिन अभी तक बोल नहीं पाई है। इस मामले में डॉक्टरों का कहना है कि रति की आवाज सुनने के लिए उन्हें अभी इंतजार करना होगा।

क्या हुआ था

रति त्रिपाठी दिल्ली से उज्जैन के लिए मालवा एक्सप्रेस के एस-7 कोच में बर्थ नंबर-8 पर सफर कर रही थी। 19 नवंबर बुधवार की सुबह करीब 5 बजे बीना के पहले करोंदा स्टेशन के पास बदमाशों ने उसका पर्स झपट लिया था। लूटपाट का विरोध करने पर लुटेरों ने रति को चलती ट्रेन से फेंक दिया था। इसके बाद आरोपी फरार हो गए।

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