-एचडीयू से हटाकर कमरे में शिफ्ट किया

भोपाल (नप्र)। लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों द्वारा मालवा एक्सप्रेस से फेंक दी गई रति त्रिपाठी की सेहत में सुधार जारी है। जिसके चलते अस्पताल प्रबंधन में शनिवार को उसे एचडीयू से हटाकर अलग कमरे में शिफ्ट कर दिया है। जिसमें इस एंगल से टीवी सेट रखा हुआ है कि आंखे खोलने पर रति को टीवी पर चल रहे फुटेज आसानी से दिखें। अब आंखों का मूवमेंट ठीक करने के लिए चिकित्सक 'विजन थैरेपी' का इस्तेमाल कर रहे हैं। उधर इस वारदात के आरोपियों का अभी तक कोई पुख्ता सुराग नहीं लग सका है।

बंसल अस्पताल में 25 दिनों से भर्ती रति की चेतना काफी हद तक लौटने लगी है। अब वह धीरे-धीरे अपने परिजनों को पहचानने भी लगी है। रति के पिता महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि बेटी आंखें तो दिन में कई बार खोलती है। पलकें भी झपकाती है, लेकिन दो दिन पहले तक उसकी पुतलियां स्थिर बनी हुई थीं। लेकिन शनिवार को पुतलियों में भी हरकत आना शुरू हो गई है। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे सिक्स फ्लोर पर स्थित कमरे में शिफ्ट कर दिया है। इसमें एक टीवी सेट रखा है, जिसमें लगातार फुटेज चलते रहते हैं। इसकी आवाज काफी कम रखी जाती है। त्रिपाठी के मुताबिक डॉक्टरों का कहना है कि इलाज के इस तरीके से रति के चेतना में सुधार होने के साथ ही उसकी आंखों की पुतलियों की एक्सरसाइज भी होगी। इससे उसके दिमाग में सदमा भी कम होगा। उन्होंने रति को एक हफ्ते में पूरी तरह अपने आप होश में आने की भी प्रबल संभावना जताई है। गौरतलब है कि नीम बेहोशी में पहुंच गई रति को 27 नवंबर को सीसीयू से हटाकर हाई डिपेन्डेंसी यूनिट(एचडीयू) में शिफ्ट कर दिया गया था। जहां म्जूजिक थैरेपी की तहत ईयर फोन लगाकर मधुर संगीत सुनाकर उसे सदमें से उबारने की कोशिश शुरू की गई थी।

क्या हुआ था

रति त्रिपाठी दिल्ली से उज्जैन के लिए मालवा एक्सप्रेस के एस-7 कोच में बर्थ नंबर-8 पर सफर कर रही थी। 19 नवंबर बुधवार की सुबह करीब 5 बजे बीना के पहले करोंदा स्टेशन के पास दो बदमाशों ने उसका पर्स झपट लिया। रति ने उनमें से एक को पकड़ लिया था। इस पर लुटेरे उसे ट्रेन से फेंकने के बाद कूदकर फरार हो गए।

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