- वाटर हार्वेस्टिंग, तड़ित चालक, अतिरिक्त व अवैध निर्माण को लेकर निगम कर था कार्रवाई

- गड़बड़ियों को लेकर आज होगी आर्किटेक्टों के साथ बैठक

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में बिल्डरों व कॉलोनाइजर्स पर वाटर हार्वेस्टिंग, तड़ित चालक, अतिरिक्त व अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा (बिल्डिंग परमिशन) शाखा द्वारा नोटिस थमाने की कार्रवाई की जा रही है। इससे रियल एस्टेट कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है। गुरुवार को मामले पर बिल्डरों ने अन्य मामलों को लेकर निगमायुक्त वीएस चौधरी कोलसानी के साथ बैठक की। इस दौरान बिल्डरों ने व्यवस्थाएं दुरूस्त करने का समय मांगा है। बैठक में बिल्डिंग परमिशन के अधिकारी भी मौजूद रहे।

बिल्डरों ने बैठक में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए समय मांगा है। साथ ही कहा कि पहले से ही आर्थिक मंदी से जूझ रहे रियल एस्टेट सेक्टर की स्थिति लॉक डाउन में और खराब हुई है। दरअसल, बीते दिनों में निगमायुक्त के निर्देश पर बिल्डिंग परमिशन शाखा ने कार्रवाई शुरू की थी। शहर में दो हजार से अधिक आवासों में वाटर हार्वेस्टिंग व तड़ित चालक नहीं मिले थे। बीते बुधवार को जोन क्रमांक 13 में छह बिल्डरों को 750 से अधिक आवासों में परिमिशन के विपरीत कार्य को देखते हुए नोटिस थमाने की कार्रवाई की गई थी। बता दें कि गुरूवार को नोटिस जारी करने की कार्रवाई नहीं की गई।

नियमों के मुताबिक करें काम

निगमायुक्त ने बिल्डरों को भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा जारी की गई परिमिशन के आधार पर कार्रवाई करने की सलाह दी। साथ ही कहा कि यदि वह नोटिस में दिए गए तय समय पर अतिरिक्त या नियमों के अवैध निर्माण कार्यों को वैध कराने के लिए कंपाउडिंग शुक्ल जमा करेंगे तो कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वाटर हार्वेस्टिंग व तड़ित चालक को अनिवार्य रूप से लगाए। इसके अलावा बिल्डरों ने साफ्यवेयर व नियमों में संशोधन की बात भी कही। इस पर निगमायुक्त ने बिल्डरों से प्रस्ताव मांगा है।

- चार लाख बिल्डिंगों में सिर्फ पांच हजार पर वाटर हार्वेस्टिंग

वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर बिल्डरों के साथ निगम प्रशासन की भी लापरवाही सालों से दिखाई दे रही है। दरअसल, शहर में चार लाख बिल्डिगों का खाका मास्टर प्लान में तैयार किया गया है। जबकि नगर निगम के आंकड़ों में सिर्फ पांच हजार बिल्डिगों में सिस्टम लगाया गया है। बता दें कि 1500 वर्गफीट या उससे बड़े आकार के बड़े निर्माण कार्य में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का नियम है।

अधिकांश बिल्डिगों में नहीं तड़ित चालक

बिहार में बिजली गिरने से हुई मौत के बाद नगर निगम ने तड़ित चालक को लेकर कार्रवाई पर जोर दिया है। निगमों के मुताबिक दो मंजिल से अधिक ऊंचाई वाले बिल्डिगों में इसके लगाने का नियम है। बीते दिनों भवन अनुज्ञा शाखा के निरीक्षण के दौरान एक भी बिल्डिंग में तड़ित चालक नहीं लगाया गया। जबकि मजह 10 हजार रुपये तक चालक लगाने में खर्च आता है।

तीन से छह फीट तक अतिरिक्त निर्माण

बिल्डिंग परमिशन शाखा द्वारा परमिशन के आधार पर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की मौके पर निर्माण की पड़ताल की जा रही है। इस दौरान पाया कि बिल्डरों ने पांच से छह फीट तक अतिरिक्त निर्माण कार्य किया गया है। इन्हें कंपाउडिंग के जरिए वैध करने का नियम भी है। पहले भी नोटिस जारी करने के बाद इन पर कार्रवाई नहीं की गई।

आज होगी आर्किटेक्टों के साथ बैठक

निगमायुक्त वीएस चौधरी कोलसानी ने बताया कि शुक्रवार को भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारी व आर्किटेक्टों के साथ बैठक की जाएगी। इस बैठक में ऑनलाइन आवेदन पर ऑफलाइन जारी की जा रही परिमिशन और अनुमतियां जारी करने संबंधित अधिकारों को लेकर बातचीत की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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