भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। भोपाल समेत प्रदेश भर में अप्रैल से जून के बीच रेमडेसिविर के एक-एक इंजेक्शन की मारामारी थी। उधर, हमीदिया अस्पताल में इस बीच सीएमएचओ द्वारा जेपी अस्‍पताल से मिले करीब छह सौ इंजेक्शन एक्सपायर हो गए हैं। हमीदिया अस्पताल प्रबंधन ने एक्सपायरी नजदीक आने पर सीएमएचओ को वापस लेने को भी कहा था, लेकिन जरूरत नहीं होने की वजह से सीएमएचओ ने लेने से मना कर दिया था। इन एंटी वायरल इंजेक्शन का उपयोग कोरोना संक्रमण के दौरान भीतरी अंगों में सूजन कम करने के लिए किया जाता है। बता दें कि अलग-अलग कंपनी के इंजेक्शन की कीमत 800 सौ रुपये से लेकर 3500 रुपये तक प्रति डोज होती है। एक मरीज को छह इंजेक्शन लगते हैं। इसके पहले यहां पर अप्रैल में 860 रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने का मामला सामने आया था। बाद में पता चला कि चोरी नहीं हुए, बल्कि नेताओं और अफसरों के कहने पर उनके करीबी जरूरतमंदों को बांट दिए गए थे।

रेमेडेसिविर इंजेक्शन की एक्सपायरी छह महीने से एक साल तक ही होती है। अभी जरूरत भी नहीं थी। इस कारण उपयोग नहीं हो पाए।

- डॉ. लोकेन्द्र दवे, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल

प्रदेश में 10 और भोपाल में कोरोना के तीन नए मरीज मिले

उधर, प्रदेश में सोमवार को कोरोना के 10 मरीज मिले हैं, जबकि छह स्वस्थ हुए हैं। नए मरीज भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खरगौन, उज्जैन और रायसेन में सामने आए हैं। 61,096 सैंपल की जांच में इतने मरीज मिले हैं। इस तरह संक्रमण दर 0.01 फीसद रही। यह जानकारी मंगलवार को जारी हेल्थ बुलेटिन में सामने आई है। भोपाल में मंगलवार को 5429 सैंपल की जांच में तीन मरीज मिले हैं। प्रदेश में 79 और भोपाल में 18 सक्रिय मरीज हैं।

Posted By: Ravindra Soni

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