भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी का प्रभात चौराहा। वैसे तो यहां एक घंटे में 15 हजार से अधिक वाहन गुजरते है लेकिन जब से यहां बनी रोटरी हटाई गई है। यह चौराहा एक बड़ा एक्सीडेंटल जोन के रूप में विकसित हो गया है। विगत एक महीने में यहां 35 से ज्यादा एक्सीडेंट हो चुके है। वह भी इसलिए क्योकि बेतरतीब प्लानिंग और ट्रैफिक व्यवस्था न पूरा चौराहा अस्त-व्यस्त हो जाता हैं। दरअसल, प्रभात चौराहे पर रायसेन रोड, एमपी नगर, गोविंदपुरा, 80 फीट रोड और पुलबोगदा का ट्रैफिक रहता है। रोटरी हटाने से यहां पर लगे सिग्नल भी काम नहीं कर रहे हैं। अभी सुबह और शाम के समय करीब 5 घंटे यहां पर ट्रैफिक जाम के हालात बनते हैं। कभी-कभी तो दिन में ही ट्रैफिक जाम हो जाते हैं। ऐसे में बड़े वाहनों के कारण स्थिति और बिगड़ जाती है। रोटरी हटने से सिग्नल संचालित किया जाना संभव हो सकेगा ऐसा कहा गया था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बता दें कि ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को देखते हुए 1 अक्टूबर 2018 को प्रभात चौराहे की रोटरी हटाने का निर्णय लिया था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम ने सर्वे कर नगर निगम को 20 दिन में इसे हटाने का जिम्मा सौंप था। गत 1 अक्टूबर को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने प्रभात चौराहे का निरीक्षण किया था। पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने टीम से बात करने के बाद भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस रोटरी को हटाने को कहा था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ईई कुलदीप सिंह ने रोटरी को छोटा करने का भी प्रस्ताव दिया था। रोटरी को हटाए जाने का निर्णय होने के बाद इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम को सौंप दी गई थी।

Posted By: Lalit Katariya

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