भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के कोलार उपनगर की फाइन एवेन्यू फेस-एक कालोनी में एक ऐसा संग्रहालय है, जहां पर देश की आजादी के लिए प्राणों का बलिदान देने वाले महापुरुषों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के जन्म व बलिदान स्थलों की माटी का संग्रह है। झांसी की रानी लक्ष्मी बाई से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित कुल 150 महापुरुषों के जन्म-बलिदान स्थलों की माटी का देश का एक अनूठा संग्रह है।

शहर के वरिष्ठ पुरातत्वविद् डा. नारायण व्यास ने बीते एक वर्ष से महापुरुषों से संबंधित जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। उनके जन्म व बलिदान स्थलों की मिट्टी अलग-अलग डिब्बी में भरकर अपने घर में बने निजी संग्रहालय में रख लेते हैं। उनका दावा है कि महापुरुषों के जन्म व बलिदान के पवित्र स्थलों की मिट्टी का उनके पास देश भर का पहला अनूठा निजी संग्रहालय है, जहां पवित्र माटी लोग देख सकते हैं। डा. व्यास 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर अपने संग्रहालय पर अमर बलिदानियों के जन्म स्थल व बलिदान स्थलों की माटी को लोगों को दिखाने के लिए प्रदर्शनी लगाएंगे।

ऐसे आया विचार

डा. नारायण व्यास पुरातत्व अधीक्षक रहे हैं। 2009 में सेवानिवृत होने के बाद उन्होंने पाषाण काल के पत्थरों के औजारों संग्रह करना शुरू किया। इसके साथ ही डाक टिकटों, सिक्कों सहित कई अनूठी वस्तुओं का संग्रह करना शुरू किया। एक वर्ष पहले लोगों को अमर बलिदानियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जानकारी उनके जन्म व बलिदान स्थल की मिट्टी की दिखाने के उद्देश्य से विचार आया। महापुरुषों के जन्म स्थलों की माटी एकत्रित करने का काम निरंतर डा. व्यास कर रहे हैं।

इन महापुरुषों के जन्म स्थल व बलिदान स्थल की माटी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्म स्थल कटक, डा. भीमराव आंबेडकर के जन्म स्थान महू, झांसी की रानी लक्ष्मी बाई बलिदान स्थल ग्वालियर, पंडित लाल बहादुर शास्त्री का जन्म स्थल बनारस, चंद्र शेखर आजाद का बलिदान स्थल प्रयागराज आजाद पार्क, भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल हुए छतरपुर के दशरथ जैन, शुजालपुर से पंडित लीलाधर जोशी, राणा बख्तावर सिंह का समाधि स्थल इंदौर, कुंवर चेन सिंह की छतरी सीहोर, तात्या टोपे स्मारक शिवपुरी आदि।

अब आगे क्या?

वरिष्ठ पुरातत्वविद् डा. नारायण व्यास ने बताया कि अभी भोपाल से 150 अमर बलिदानियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जन्म व बलिदान स्थलों की माटी लोगों दिखाने का अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। इस मिट्टी से तिलक करो, ये मिट्टी है बलिदान के नाम से अभियान अभी भोपाल से 26 जनवरी गणतंत्र दिवस से शुरू किया जाएगा। हर शहर में प्रदर्शनी लगाकर लोगों को महान पुरुषों से संबंधित जानकारी देने का काम करूंगा। इसके पीछे एक ही उद्देश्य है कि बच्चे व युवा देश की आजादी के लिए प्राण न्योछावर करने व योगदान देने वाले महापुरुषों की जीवन से प्रेरित हो सकें।

Posted By: Ravindra Soni

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