- 55 कॉलेजों ने साल 2010 से 14 के बीच जमा नहीं की परीक्षा फीस

भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने संबद्ध प्राइवेट कॉलेजों को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उन्होंने कई सालों से पेंडिंग छात्रों की परीक्षा जमा नहीं करते हैं तो उनकी मान्यता निरस्त कर दी जाएगी। जबकि सरकारी कॉलेज के प्राचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा उच्च शिक्षा विभाग से की जाएगी। बीयू प्रशासन के मुताबिक बार-बार नोटिस देने के बावजूद कॉलेज प्रशासन परीक्षा फीस जमा करने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे। इसी वजह से यह अंतिम नोटिस देकर चेतावनी दी गई है। परीक्षा फीस विश्वविद्यालय में जमा नहीं करने वाले कॉलेजों की संख्या 55 है। इसमें प्राइवेट कॉलेजों की संख्या 42 है जबकि सरकारी कॉलेजों की संख्या 13 है।

बीयू की ओर से कॉलेजों को भेजे गए पत्र के मुताबिक महालेखाकार ग्वालियर की टीम ने बीयू के ऑडिट के दौरान पाया था कि करीब 55 कॉलेज विश्वविद्यालय में परीक्षा फीस जमा नहीं कर रहे हैं। इससे विश्वविद्यालय को आर्थिक नुकसान हो रहा है। टीम की ओर से विश्वविद्यालय को कॉलेजों से फीस वसूलने के निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही टीम ने ऑडिट आपत्ति लगाकर उच्च शिक्षा विभाग को भेज दी थी। लेकिन बीयू प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यह मामला बढ़ते-बढ़ते विधानसभा लोक सेवा समिति के पास पहुंच गया। समिति ने भी इस मामले में गंभीर आपत्ति ली है। इस मामले में विधानसभा लोक सेवा समिति बीयू के अधिकारियों को तलब करती इसी बीच उच्च शिक्षा विभाग ने इस मामले में हस्तक्षेप कर विश्वविद्यालय के अधिकारियों को तलब किया था। उच्च शिक्षा आयुक्त डीपी आहूजा ने इस मामले में बीयू के अधिकारियों को तलब कर जमकर फटकार लगाई थी। साथ ही निर्देश दिए थे कि जल्द से जल्द कॉलेजों से वसूली की जाए। इसी आधार पर बीयू ने नोटिस जारी कर कॉलेजों से विश्वविद्यालय के खाते में बकाया राशि जमा करने के निर्देश 20 फरवरी तक दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर मान्यता समाप्त करने की चेतावनी दी है। जबकि सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च शिक्षा विभाग को लिखा जाएगा।

कॉलेजों पर ढाई लाख रुपए तक बकाया

पूरा मामला साल 2010 से 2014 के बीच का है। कॉलेजों ने इस दौरान छात्रों से परीक्षा फीस की वसूली तो की लेकिन उसे विश्वविद्यालय में जमा नहीं किया। कॉलेजों पर ढाई लाख रुपए से लेकर दो हजार रुपए तक बकाया है। इस दौरान बीयू प्रशासन के तत्कालीन अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया। अब लेखाकार से लेकर उच्च शिक्षा विभाग के हस्तक्षेप के बाद विश्वविद्यालय ने मामले में कार्यवाही शुरु की है।

साल 2010 से 2014 के बीच 55 विश्वविद्यालयों ने करीब बीस लाख रुपए की राशि जमा नहीं की है। इसे लेकर नोटिस जारी कर एक सप्ताह में राशि विश्वविद्यालय के एकॉउंट में जमा करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर प्राइवेट कॉलेजों की मान्यता निरस्त कर दी जाएगी। जबकि सरकारी कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को लिखा जाएगा।

बी भारती, रजिस्ट्रार बीयू

Posted By: Nai Dunia News Network

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