भोपाल (ब्यूरो)। राजधानी में बारिश के कारण अब मौसमी बीमारियों के साथ डेंगू का भी खतरा बढ़ गया है। दिन-ब-दिन शहर में संदिग्ध मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बीते 35 घंटे में डेंगू के कुल 42 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर में डेंगू को लेकर संवेदनशील इलाकों में सर्वे कर डेंगू लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई की जा रही है।

बीते साल की अपेक्षा इस बार डेंगू के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक अगस्त 2018 में छह मरीज डेंगू का शिकार हुए थे। वहीं, इस बार अब तक 71 मरीज डेंगू से ग्रस्त पाए गए हैं। विभाग ने शहर को आठ जोन में बांटकर लार्वा सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। 35 टीमों द्वारा घर-घर जाकर लार्वा की जांच की जा रही है। इतना ही नहीं, बल्कि जिन घरों में दोबारा लार्वा मिल रहा है, उन्हें चेतावनी भी दी जा रही है।

एक मरीज की हो चुकी है मौत, 8 गंभीर

बीते दिनों डेंगू के कारण एक महिला की मौत हो गई थी। तेज बुखार आने के कारण काजी कैंप निवासी सोनिया को कमला नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीते 4 अगस्त को इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। उधर, आठ ऐसे मरीज भी हैं, जिनकी डेंगू के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।

सावधानी बरतने की दी जा रही सलाह

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि लार्वा सर्वे के साथ-साथ लोगों को डेंगू को लेकर जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है। साथ ही लोगों को मच्छरदानी का उपयोग करने, शरीर को पूरा ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है। साथ ही घर के अंदर या बाहर पानी जमा न होने देने, कूलर में यदि पानी है तो इसमें खाने का तेल डालें, जिससे लार्वा पनप न पाएं, वायरल बुखार में नजदीकी डॉक्टर से सहायता लें और जांच कराएं। पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंककर रखने की सलाह दी जा रही है।

मौसमी बीमारी के कारण भी बढ़ रही मरीजों की संख्या

बारिश व ठंडक के कारण शहर में बुखार, सर्दी, खासी, वायरल और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। शहर के अधिकांश अस्पताल मरीजों से भरे हुए हैं। जेपी अस्पताल में रोजाना मौसमी बीमारी के शिकार 300 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं।

सर्वे कर रहे हैं

डेंगू को लेकर शहर में लगातार टीम सर्वे कर रही है। हम लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं। जल्द ही सर्वे टीम में भी इजाफा किया जाएगा - अखिलेश दुबे, जिला मरेलिया अधिकारी, भोपाल