भोपाल। मध्यप्रदेश में भारी बारिश से साल-दो साल पहले बनी गारंटी अवधि वाली सड़कें भी ध्वस्त हो गई हैं। प्रदेश के दो तिहाई जिलों में सड़कों की हालत बदहाल है, बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। सभी जिलों में करीब तीन हजार किमी से अधिक सड़कें उखड़ चुकी हैं।

नुकसान एक हजार करोड़ रुपए से अधिक का आंका जा रहा है। 20 सितंबर को केंद्र सरकार की टीम मप्र प्रवास पर आ रही है। लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी 30 नवंबर के पहले सड़कों की मरम्मत करने को कहा है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोक निर्माण विभाग को विशेष फॉर्मेट में भेजी गई रिपोर्ट से यह चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। इंदौर-उज्जैन संभाग के कई जिलों में सड़कें अब भी पानी में डूबी हैं, वहां हुए नुकसान का आकलन करने लोनिवि सड़कों से पानी उतरने और बारिश थमने का इंतजार कर रहा है।

राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में शहरी व ग्रामीण अंचलों की सड़कों पर चलना मुश्किल हो रहा है। सड़कों पर बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। विभाग को सभी जिलों से मिले प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब तीन हजार किमी से अधिक लंबी सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। मंदसौर जिले में उच्चस्तरीय पुल के तीन स्पॉन ही पानी में बह गए।

मानिटरिंग और कार्ययोजना पर काम

लोक निर्माण विभाग के मुखिया आरके मेहरा ने 'नईदुनिया" को बताया कि भारी बारिश से सड़कों को काफी नुकसान हुआ है। विभाग की ओर से मॉनीटरिंग के साथ ही कार्ययोजना पर काम चल रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सड़कों की मरम्मत और निर्माण के लिए बजट का आकलन किया जा रहा है, फिर भी करीब एक हजार करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान है।

विभागीय अफसरों को 30 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का टारगेट दिया गया है। विभागीय मंत्री और मुख्य सचिव ने 30 नवंबर तक सड़कें दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने बताया कि हमारा प्रयास है कि इसके पहले ही सड़कों की मरम्मत पूरी हो जाए।

एनडीआरएफ को भेजी रिपोर्ट

मेहरा ने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में भारी बारिश से हुए नुकसान की जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने भी मांगी है, हमने रिपोर्ट भेज दी है। सड़कों को हुए नुकसान की तात्कालिक राहत के रूप में केंद्र ने करीब 33 करोड़ रुपए दिए हैं।

शहरी क्षेत्र की सड़कों में एक लाख रुपए प्रति किलोमीटर और ग्रामीण अंचलों की सड़कों के लिए 60 हजार रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से राहत का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि पेचवर्क के लिए तात्कालिक रूप से 50 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।

ब्लैकलिस्ट होंगे ठेकेदार

प्रदेश में गारंटी अवधि की सड़कों के ध्वस्त होने के मामले में प्रमुख अभियंता ने कहा कि सभी निर्माण एजेंसियों से सड़कों की मरम्मत करवाई जाएगी। ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई भी की जा रही है।

प्रदेश के जिन जिलों में भारी वर्षा हुई है, उनमें भोपाल, इंदौर, मंदसौर, नीमच, विदिशा, सिवनी, होशंगाबाद, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, रायसेन, झाबुआ, सीहोर, रतलाम, खंडवा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, गुना, बड़वानी, उज्जैन, देवास, हरदा, जबलपुर, मंडला, अशोकनगर, धार, सागर, आलीराजपुर, खरगोन, दमोह, बैतूल, सिंगरौली और श्योपुरकलां हैं। इनमें से कई जिलों भारी तबाही हुई है।