मध्‍य प्रदेश में नेशनल और स्टेट हाईवे की सड़कों की स्थिति बेहद खराब

ब्लैक स्पाट, अवैध कट और सड़क डिजाइन में कमियों के चलते दुर्घटनाएं बढ़ीं

Road Safety Campaign : भोपाल (राज्य ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में नेशनल और स्टेट हाईवे की सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। जगह-जगह ब्लैक स्पाट, अवैध कट और सड़क डिजाइन में कमियों के चलते दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। सरकार के प्रयास भी विफल हो रहे हैं। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए योजनाएं तो बनाई हैं, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं।

मालवा-निमाड़ अंचल और भोपाल अंचल के जिलों में खराब सड़कें, यातायात व्यवस्थित करने तकनीकी संसाधनों की कमी और स्पीड लिमिट बोर्ड के अभाव में दुर्घटनाओं में कमी नहीं आई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशन पर मध्य प्रदेश में लागू की गई जीरो वीजन योजना भी सड़क दुर्घटनाओं में मौतों के आकड़ों में 10 प्रतिशत कमी लाने के लक्ष्य को भी पूरा नहीं कर पाई है।

मालवा-निमाड़ अंचल : योजनाएं अमल में आएं तो व्यवस्थित हो यातायात

13 जिलों की 3900 किमी सड़कों में 419 ब्लैक स्पाट, 273 अवैध कट और अंधे मोड़भी हैं। धार जिले के मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गणपति घाट में तकनीकी कमी पर ध्यान देना आवश्यक है। यहां अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। ढलान को कम करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पास लंबित योजना को अमल में लाना जरूरी है। अन्य सड़कों पर भी तकनीकी कमी दिखी। देवास जिले में बरझाई और धन तालाब घाट पर सड़कें तो अच्छी हैं, लेकिन यातायात को व्यवस्थित करने तकनीकी संसाधनों का अभाव है। जैसे संकेतक, इमरजेंसी नंबर और स्पीड लिमिट के बोर्ड नहीं हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कमियां दूर करनी होंगी। यातायात के विषय में लोगों को जागरूक करना अधिक जरूरी है।

भोपाल अंचल : ब्लैक स्पाट दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण

भोपाल सहित 11 जिलों की 3700 किमी सड़कों में ब्लैक स्पाट दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण है। भोपाल जिले की 350 किमी की सड़कों पर 16 ब्लैक स्पाट, 18 अवैध कट, दो बाटल नेक एवं सड़क डिजाइन में 12 कमियां मिली हैं। जबकि, भोपाल अंचल के जिलों में 178 ब्लैक स्पाट, 230 अवैध कट्स, 32 बाटल नेक एवं रोड डिजाइन में 64 कमियां मिलीं। इस तरह अंचल में 194 ब्लैक स्पाट, 248 अवैध कट्स, 34 बाटल नेक एवं रोड डिजाइन में 76 कमियां मिलीं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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