Road Safety Campaign : वैभव श्रीधर, भोपाल। यातायात के नियमों का उल्लंघन करने का अधिकार किसी को नहीं है। एक साल में तीन हजार 983 दो पहिया और चार पहिया वाहन चालकों के लाइसेंस नियमों का उल्लंघन करने पर निरस्त किए गए हैं। ऐसे किसी भी वाहन को सड़क पर नहीं दौड़ने देंगे, जो फिटनेस के मापदंड को पूरा न करतेे हों। केंद्र सरकार ने 15 साल पुराने वाहनों को लेकर जो नीति बनाई है, मध्य प्रदेश में उसका अक्षरश: पालन किया जाएगा। ट्रक, टैक्टर-ट्राली, डंपर सहित अन्य वाहनों में रिफलेक्टर लगाना अनिवार्र्य होगा ताकि रात में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। लोक निर्माण, नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, गृह सहित अन्य विभागों के साथ मिलकर यातायात के नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

यह बात प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने नईदुनिया द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए अभियान की प्रशंसा करते हुए कही। उनके हुई चर्चा के प्रमुख अंश...

प्रश्न: वाहन चालक सड़क नियमों का पालन नहीं करते हैं, जिसके कारण दुर्घटनाएं होती हैं। इसके लिए क्या कदम उठाया जा रहा है।

उत्तर : वाहन चालक नियमों का पालन कर वाहन चलाएं, इसके लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाने, नियमित जांच के साथ समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं। मैं स्वयं भी वाहनों की जांच करता हूं। सभी व्यावसायिक वाहनों में गति नियंत्रक लगाना अनिवार्य किया जा चुका है। इसके साथ ही पुलिस तथा परिवहन विभाग द्वारा ऐसे वाहन चालकों के विरुद्ध चालान के साथ लायसेंस निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।

प्रश्न: कई अपात्रों के लाइसेंस बन जाते हैं। दुर्घटना होने के बाद पता लगता है कि चालक को दृष्टिदोष है। इस गड़बड़ी को रोकने के लिए विभाग क्या कर रहा है।

उत्तर : ऐसा नहीं है। मध्य प्रदेश में भारत सरकार का सारथी पोर्टल लागू किया जा चुका है। इसमें आनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र के बिना लाइसेंस का नवीनीकरणजारी नहीं किया जा सकता। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा एमबीबीएस पात्रता वाले डाक्टर को आनलाइन प्रमाण पत्र जारी करने के लिए लिंक दी गई है।

प्रश्न : हेलमेट और सीट बेल्ट की चेकिंग रस्म अदायगी बनकर रह गई है। इसके नाम पर वसूली की शिकायतें मिलती हैं। जबकि, उद्देश्य अच्छा है।

उत्तर : पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट और परिवहन विभाग ने हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा ऐश्वर्या शांडिल्य बनाम मध्य प्रदेश शासन में दिए गए निर्देशों के पालन में पूरे प्रदेश में हेलमेट चेकिंग का अभियान चलाया है। सीट बेल्ट नहीं पहनने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। यह कदम जनता की सुरक्षा के लिए है, इसलिए उन्हें पालन करना चाहिए। जागरुकता के कार्यक्रम भी चला रहे हैं।

प्रश्न : सड़कों पर संकेतक तक नहीं लगे हैं, जबकि इसके नियम स्पष्ट हैं।

उत्तर : संकेतक लगाने का दायित्व सड़क संधारण या देखरेख करने वाली एजेंसी का होता है। परिवहन विभाग इनसे समन्वय बनाकर कार्य करता है। राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में इन विषयों पर चर्र्चा होती है औैर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि यातायात संबंधी जिसका जो दायित्व हैं, वो उसे निभाए। इसको लेकर आगामी बैठक में बात भी की जाएगी।

प्रश्न: ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवा न होने की वजह से निजी वाहनों में ओवरलोडिंग होती है जो बड़ी समस्या है। कर्ई बार बड़े हादसे भी हो जाते हैं।

उत्तर : यह ठीक बात है, इसलिए ग्रामीण परिवहन नीति बनाई गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का संचालन लाभप्रद न होने के कारण बस संचालक पहल नहीं करते हैं। इसे देखते हुए ग्रामीण परिवहन नीति बनार्ई गई है। विदिशा जिले से इसकी शुरुआत की गई और अब पूरे प्रदेश में विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में आकास्मिक जांच अभियान क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों द्वारा संचालित किया जाता है और कार्र्रवार्ई भी होती है।

प्रश्न : ओवर स्पीड के कारण सड़क हादसे हो रहे हैं। लोगों की जान तक गई है। इसकी रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

उत्तर : एक साल में ओवर स्पीड के मामले में दो हजार 576 दो-पहिया वाहन चालक और एक हजार 407 चार-पहिया वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

प्रश्न : सड़क पर चलने वाले वाहनों की फिटनेस भी बड़ा सवाल है। जांच की पर्याप्त व्यवस्था ही नहीं है।

उत्तर : वाहनों की फिटनेस को लेकर परिवहन विभाग गंभीर है। विभाग जो वाहन सड़क पर चलने योग्य जांच में नहीं पाए जाते हैं, उनके परमिट निरस्त भी करता है। अब राज्य में आटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर्स की स्थापना की जा रही है। पुणे की संस्था को सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है। आटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर्स से फिटनेस जांच (मानव हस्तक्षेप बिना) कर प्रमाण पत्र जारी किए जा सकेंगे।

प्रश्न: सड़क निर्माण की खामियां दुर्घटनाओं का बड़ा कारण होती है। इससे दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैैं।

उत्तर : वर्तमान में प्रदेश के सभी प्रमुख राजमार्गों पर 395 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। लोक निर्माण विभाग इन ब्लैक-स्पाट को दूर करने के लिए तात्कालिक और दीर्घ अवधि की कार्ययोजना बनाकर काम कर रहा है। इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति को भी दी जाती है।

प्रश्न: यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सरकार क्या कर रही है।

उत्तर: यात्रियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। यात्री वाहनों में पेनिक बटन लगवाई जा रही है। इमरजेंसी गेट अनिवार्य कर दिया है। गैस किट का उपयोग करने वालों वाहनों की जांच के साथ पर्यावरण संबंधी जांच भी करवा रहे हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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