- सीईओ जिला पंचायत ने दिए जांच के आदेश, जांच कौन करेगा यह नहीं हो पाया तय

- जल संकट, बिजली और किसानों की समस्या पर अधिकारियों से हुए सवाल-जवाब

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

भोपाल जिले में 53 खेल मैदान और 400 से अधिक आंगनबाड़ियों के निर्माण में 45 करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ है। 53 खेल मैदानों में से अधिकतर तो अब तक बनकर भी तैयार नहीं हुए हैं। सभी खेल मैदान के हिसाब से 9 लाख रुपए की राशि ठेकेदार को आवंटित भी कर दी गई थी। यही स्थिति आंगनबाड़ियों को लेकर है। 48 आंगनबाड़ियां अभी भी अधूरी पड़ी हैं।

इस बात का खुलासा जिला पंचायत साधारण सभा की बैठक में शुक्रवार को जिपं अध्यक्ष मनमोहन नागर ने किया। इस पर सीईओ जिला पंचायत सतीश कुमार एस ने इस घोटाले में लिप्त बीडीए व अन्य निर्माण एजेंसियों व विभाग की जांच कराए जाने को कहा। हालांकि, जांच कौन करेगा, यह तय नहीं किया। इधर, बैठक में जिपं अध्यक्ष ने बगोनियां और कलारा में सरकारी जमीन पर चल रहे शासकीय स्कूलों की जांच रिपोर्ट अब तक उपलब्ध न कराने पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) धर्मेद्र शर्मा से सवाल-जवाब किए। उन्होंने डीईओ से कहा कि वे इस स्कूल में अगले सत्र के लिए एक भी एडमिशन न होने दें। इसके लिए नोटिस बोर्ड लगवा दें कि इन स्कूलों की मान्यता खत्म कर दी गई है।

- 59 बोरों में लगाई जाएगी सिंगल फेस की मोटर, मिलेगा पानी

पानी की समस्या को लेकर अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों ने पीएचई के अधिकारियों से सवाल-जवाब किया। उन्होंने कहा कि बिना बताए ही पंचायतों में बोर किए जा रहे हैं। हर्राखेड़ा गांव में 3 बोर लगाने के लिए कहा गया था, अब तक कोई पहल नहीं की गई। वहीं भानपुर, बेरिया पठार सहित अन्य गांवों में भी जलसंकट विकराल रूप ले रहा है, लेकिन यहां बोर बंद पड़े हैं। इस पर अधिकारियों ने कहा कि 59 सिंगल फेस की मोटर उपलब्ध हैं, सभी बंद बोरों में मोटर लगाकर उन्हें चालू किया जाएगा। हर्राखेड़ा ओर नजीराबाद के स्कूल में पानी उपलब्ध न होने का मामला भी उठाया गया।

- गुनगा और तरावली के 223 किसानों को नहीं मिला फसल बीमा का पैसा

अध्यक्ष मनमोहन नागर ने कृषि विभाग डीडीए से पूछा कि गुनगा के 116 तथा तरावली 107 सहित कुल 223 किसानों को फसल बीमा का पैसा क्यों नहीं मिला। जबकि उनके बैंक खाते से तो प्रीमियम की राशि काट ली गई थी। इलाहबाद बैंक ने पैसे काटने के बाद भी तय समय पर बीमा कंपनी को राशि जमा नहीं की। किसानों की फसल खराब हुई, अब बीमा कंपनी किसानों को बर्बाद हुई फसल का मुआवजा देने से इंकर कर रही है। इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है? सीईओ ने डीडीए को इस मामले में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

- 4 फीट गहरा गड्ढा कर लगाए जा रहे बिजली के खंभे

अध्यक्ष मनमोहन नागर ने ललरिया व कलखेड़ा गांव में बिजली संकट को लेकर मामला उठाया, तो बिजली अधिकारियों ने जांच कराने की बात कही। इसी बीच जिपं सदस्य शिवनारायण अहिरवार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 4 फीट गहरा गड्ढा खोदकर बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं। तेज हवा और बारिश में ये खंभे गिर जाएंगे। इससे पशु व जनहानि होगी, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? वर्तमान में ऐसे खंभे सेमरी बाजयाफ्त ही नहीं अन्य गांवों में लगाए गए हैं। सीईओ ने बिजली अधिकारियों को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि जहां जहां भी 4 फीट गहरे खंभे लगे हैं, उन्हें अधिक गहराई तक लगाएं।