भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी में सर्वधर्म सद्भावना मंच के धर्म गुरुओं ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और स्कूल शिक्षा राज्‍यमंत्री इंदर सिंह परमार को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्‍होंने राजधानी सहित प्रदेश भर में स्कूल खोलने की मांग की है। सद्भावना मंच के सदस्‍यों का कहना है कि जब प्रदेश में सभी तरह की गतिविधियां चल रही हैं, तो स्कूलों को 31 जनवरी तक क्यों बंद करके रखा है? 50 फीसद छात्रों की क्षमता के साथ स्कूलों को खोला जा सकता है।

सर्वधर्म सद्भावना मंच के अध्यक्ष फादर आनंद मुटूंगल, उपाध्यक्ष पंडित महेंद्र शर्मा, हाजी हारुन, महासचिव भंते सागर शाक्यपुत्र ने बताया कि बड़े-बड़े स्कूलों के लिए आनलाइन स्कूल चलाना लाभ का सौदा होगा, लेकिन छोटे स्कूलों में गरीब तबके के बच्चे पढ़ते हैं। आनलाइन पढ़ने के लिए उनके अभिभावकों के पास मोबाइल भी नहीं है। ऐसी ही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की है। सिग्नल मिलने की भी समस्या होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार संयुक्त होने के कारण चार से पांच बच्चों के बीच में एक ही मोबाइल होता है। इस परिस्थिति में सभी बच्चों को आनलाइन पढ़वाना अभिभावकों के लिए एक बड़ी समस्या होती है। कुछ गांवों में तो बिजली की समस्या होने के कारण मोबाइल चार्ज नहीं हो पाता। कोरोना की स्थिति भी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग है। इस परिस्थिति में संपूर्ण स्कूलों को बंद करना छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और भविष्य के लिए उचित नहीं है। कई स्कूल अभी बच्चों की वार्षिक परीक्षा की तैयारी करवा रहे हैं। कोरोना से आर्थिक नुकसान होने के कारण कई स्कूलों ने धीरे-धीरे शिक्षक व स्टाफ को वेतन देना शुरू किया था, लेकिन स्कूलों को बंद करने से उनका वेतन फिर रुक जाएगा। इससे उनके समक्ष आर्थिक दिक्‍कतें पैदा होंगी।

Posted By: Ravindra Soni

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