Sawan Month 2020 : भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। अद्भुत संयोग के साथ भोलेनाथ के सबसे प्रिय दिन सोमवार से पवित्र सावन मास की शुरुआत हो गई है। सावन माह के पहले सोमवार को लेकर भोपाल के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते श्रद्धालु उचित शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए ही भगवान के दरबार में प्रवेश और दर्शन कर पाएंगे। मंदिरों में शिव पूजा व अभिषेक होंगे, जिन्हें पुजारी ही संपन्न करेंगे। सामूहिक शिवलिंग निर्माण नहीं होंगे, भक्त अपने घरों में शिवलिंग बना सकते हैं।

कथावाचक पंडित ओमप्रकाश शास्त्री व पुजारी पंडित रत्नेश शस्त्री ने बताया कि श्रावण माह की शुरुआत उत्तराषाढ़ा नक्षत्र व वैधृति योग में होगी। इस माह में अद्भुत संयोग के साथ 36 योग बन रहे हैं। हिंदी पंचांग के अनुसार इस बार सावन में 5 सोमवार हैं। इस महीने की शुरुआत सोमवार 6 जुलाई से हो रही है। जबकि समापन सोमवार 3 अगस्त को सावन पूर्णिमा के दिन होगा। इससे पहले 2017 में सावन में 5 सोमवार पड़े थे। इस महीने में भगवान शिव का श्रद्धापूर्वक पूजन करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। भगवान भोलेनाथ को दूध, बिल्वपत्र धतूरा अति प्रिय है।

महाकाल की सुबह 5 बजे भस्मारती, नहीं लगेंगे मेले

छोला रोड विश्राम घाट में स्थापित और भोपाल के राजा कहे जाने वाले भगवान मुक्तेश्वर महाकाल की सावन माह में रोजाना सुबह 5 बजे भस्म आरती और अलौंकिक श्रृंगार किया जाएगा। भक्त ऑनलाइन भस्म आरती का दर्शन कर सकेंगे। गुफा मंदिर में हर साल सावन का मेला लगता है, लेकिन इस बार न तो मेला लगेगा और न ही झूले डलेंगे। शिवालय में जल चढ़ाने के लिए सीमित संख्या में ही भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा। परिसर में सभी उचित शारीरिक दूरी बनाए रखें, इसकी निगरानी कार्यकर्ता करेंगे। इधर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर में श्रावण सोमवार पर मंदिरों के आसपास झूले व दुकानें नहीं लगाई जाएगी। श्रद्धालुओं को सिर्फ दर्शन व जल चढ़ाने की अनुमति रहेगी।

फूल बंगले के सिंहासन पर विराजेंगे बाबा बटेश्वर

श्री बड़वाले महादेव मंदिर सेवा समिति द्वारा श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर श्रावण महोत्सव के दौरान बाबा बटेश्वर का आलौंकिक श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर समिति के संयोजक संजय अग्रवाल, प्रमोद नेमा ने बताया कि सावन मास के पहले सोमवार की शुभ बेला में मोगरा, गुलाब एवं अन्य फूलों से सजाए गए बंगले में बाबा बटेश्वर को सिंहासन पर विराजमान किया जाएगा। शाम सात बजे महाआरती होगी। इसके बाद भक्त दर्शन कर सकेंगे। समिति के प्रकाश मालवीय ने बताया कि मंदिर में बाहर से किसी भी तरह की प्रसादी, हार फूल इत्यादि लेकर न आएं। भक्तों को प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार ही प्रवेश मिलेगा। बाबा को जल अर्पित करने के लिए अलग से पाइप लाइन डाली गई है, जिसके सहारे श्रद्धालु जल अर्पित कर सकेंगे।

Posted By: Prashant Pandey

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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