SC Decision on OBC Reservation: भोपाल (राज्य ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी के लिए मप्र में ओबीसी वोट बैंक को बरकरार रखने के लिए ओबीसी आरक्षण को बरकरार रखना बेहद जरूरी था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा ओबीसी आरक्षण के बिना पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने के मामले में कांग्रेस सारा ठीकरा शिवराज सरकार पर फोड़ रही थी। लेकिन, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सक्रियता ने पासा पलट दिया। चौहान खुद दिल्ली गए, सालीसिटर जनरल तुषार मेहता से मिले, तमाम कानूनविदों से राय ली। ओबीसी से संबंधित मामलों की सारी कमान नगरीय विकास मंत्री भूपेन्द्र सिंह को सौंपी।

मुख्यमंत्री द्वारा विधि मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा और भूपेन्द्र सिंह को लेकर दिल्ली में की गई कानूनी कवायद का ही परिणाम रहा कि भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट से इस लड़ाई को जीत लिया। यह जीत भाजपा के लिए एक संजीवनी की तरह है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने ओबीसी आरक्षण की लड़ाई लड़ने के लिए अपनी विदेश यात्रा भी रद कर दी। जिस दिन से सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था, उसके बाद से मुख्यमंत्री लगातार कानूनी राय लेते रहे।

विधानसभा से पारित किया था संकल्प विधानसभा सत्र के दौरान भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि हम ओबीसी आरक्षण के बिना पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव नहीं करवाएंगे। कोई हमारा साथ देगा तो उसके साथ, नहीं देगा तो उसके बिना और कोई विरोध करेगा तो उसके बिना हमारा ओबीसी को आरक्षण दिलाने का अभियान जारी रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखने प्रमुख सचिव को विशेष विमान से दिल्ली भेजा

ओबीसी आरक्षण के साथ नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव कराने को लेकर सरकार कितनी गंभीर थी, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेष विमान से मंगलवार को प्रमुख सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण अशोक बर्णवाल को दिल्ली भेजा। उन्होंने रीवा से राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के सदस्य प्रदीप पटेल को साथ लिया। करीब एक घंटे तक सुप्रीम कोर्ट में बहस चली। इस दौरान बर्णवाल ने बताया कि किस तरह निकायवार ओबीसी की रिपोर्ट तैयार की गई है। ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि निकायवार रिपोर्ट किस तरह तैयार की गई है। सर्वे करके जो तथ्य जुटाए गए हैं, उनका विश्लेषण कैसे किया। अधिवक्ताओं के साथ बर्णवाल ने जानकारी दी। इससे सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट हुआ व ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव की अनुमति दी।

Posted By: Prashant Pandey

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close