भोपाल। 20 मार्च से CBSE के स्कूल शुरू हो रहे हैं। दो-तीन स्कूल 15 मार्च से शुरू भी हो गए हैं। अब राजधानी के इन CBSE स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को यूनिफार्म खरीदनी पड़ेगी। यूनिफार्म पर स्कूल का मोनो होने के कारण अभिभावकों को बाजार से हटकर कुछ ही दुकानों पर ये यूनिफार्म मिलती है। इस कारण अभिभावकों को औसतन 1500 रुपए तक अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं।

इस हिसाब से देखा जाए तो राजधानी के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब डेढ़ लाख बच्चों के अभिभावकों पर हर साल करीब दो करोड़ रुपए का आर्थिक बोझ यह यूनिफार्म खरीदने से पड़ रहा है। यह सब सिर्फ कमीशन के लिए होता है। यूनिफार्म के कमिशन का हिस्सा सीधे स्कूल प्रबंधन को जाता है। लिहाजा प्रबंधन हर साल यूनिफार्म का कलर बदल देता है। इसके अलावा बैग, जूते, कॉपी-किताब पर अलग से कमीशन होता है। यह हालात तब है जब जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी स्कूल यूनिफार्म, कॉपी-किताब या बैग पर मोनो लगाकर अपनी ब्रांडिंग न करें।

राजधानी में 5 से 6 दुकानें ही निर्धारित

स्कूल संचालकों द्वारा निर्धारित पांच से 6 दुकानों के नाम ड्रेस खरीदने के लिए बताए जाते हैं। इसमें इंद्रप्रस्थ, लक्की, गुरुकुल, टिपटॉप आदि शामिल है। इन दुकानों पर से यूनिफार्म खरीदने पर कमीशन का हिस्सा सीधा स्कूल संचालक के पास जाता है। इसके अलावा यूनिफार्म विक्रेता का भी हिस्सा होता है। इस तरह साधारण ड्रेस दो से तीन गुना महंगी दाम पर अभिभावकों को खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

तीन स्टेप में हर स्कूल करते हैं बदलाव

हर निजी स्कूल में तीन स्टेप में बदलाव होते हैं। पहली बार नर्सरी से केजी टू, दूसरी बार पहली से 5वीं तक और तीसरी बार 6वीं से 12वीं तक अलग-अलग कलर और डिजाइन के यूनिफार्म चलाए जाते हैं।

हर साल बदलने से भी परेशानी

कई निजी स्कूल हर साल यूनिफार्म के कलर मात्र बदलने से अगर घर में दो बच्चे हैं तो दूसरा बच्चा पहले का यूनिफार्म नहीं पहन सकता है। इसके अलावा मोजे और टाई-बेल्ट में भी बदलाव किए जा रहे हैं।

सर्दी में ब्लेजर की डिमांड

कई बड़े स्कूलों ने अपनी ओर से ट्रैक सूट या ब्लेजर रखवा दिए। सर्दी का मौसम आते ही अभिभावकों को फुल पैंट व शर्ट, ब्लेजर, ट्रैक सूट, फुल स्वेटर की लिस्ट अभिभावकों को दी जाती है। इन्हें आप किसी भी दुकान से नहीं खरीद सकते हैं, क्योंकि इन पर स्कूल का मोनो लगा रहता है, जिससे इनके दाम दोगुने व तीन गुने तक हो जाते हैं।

यूनिफार्म साधारण कीमत मोनो लगने पर कीमत

दो समर यूनिफार्म 600 से 1150 रुपए 920 से 1460

स्वेटर 300 से 400 रुपए 500 से 600

ब्लेजर 800 से 1000 रुपए 1200 से 1700

ट्रैक सूट 550 से 600 रुपए 1200से 1500

फुल यूनिफार्म 800 से 1000 रुपए 1100 से 1400

इनका कहना है

स्कूल संचालकों द्वारा मोटी कमाई की जा रही है। स्कूल ड्रेस में कमीशनखोरी कर रहे हैं। मॉनीटरिंग के लिए जिला प्रशासन के निगरानी में कमेटी गठित की गई है। अभी तक शिक्षा विभाग या मॉनीटरिंग अफसरों ने कोई बड़ी कार्यवाही नहीं की है। पहले स्कूलों में यूनिफार्म मिलते थे, लेकिन अब निश्चित दुकानों पर अभिभावकों को भेजा जा रहा है- कमल विश्वकर्मा, अध्यक्ष, पालक महासंघ

जिला प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि यूनिफार्म के लिए उनका कलर, बैंड या डिजाइन स्कूल निर्धारित कर सकते हैं, लेकिन यूनिफार्म, कॉपी-किताब या बैग पर स्कूल का मोनो नहीं लगा होगा। कोई भी स्कूल यूनिफार्म या कॉपी-किताब या बैग पर अपनी ब्रांडिंग नहीं कर सकते हैं। अगर शिकायत मिलेगी तो कार्यवाही होगी- धर्मेन्द्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी

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