School Fees : भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना संक्रमण के कारण इस सत्र में एक भी दिन स्कूल नहीं खुले, लेकिन निजी स्कूलों द्वारा फीस को लेकर अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। कई निजी स्कूलों ने फीस जमा नहीं करने पर बच्चों की आईडी ब्लॉक कर ऑनलाइन कक्षा से उन्हें बाहर कर दिया है। वहीं अभिभावकों का कहना है फीस का मामला जबलपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद स्कूल वाले शिक्षण शुल्क के साथ-साथ कम्प्यूटर व स्मार्ट क्लास की फीस भी मांग रहे हैं। यहां तक कि कई स्कूल बस फीस की भी मांग कर रहे हैं। इसके विरोध में राजधानी के कोलार स्थित डीपीएस स्कूल के अभिभावकों ने स्कूल के सामने प्रदर्शन भी किया। अभिभावकों का कहना है कि वे सीएम हेल्पलाइन, कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी के पास भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अभी हाल ही में चार दिन पहले कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बैठक लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए थे कि फीस जमा नहीं करने के कारण किसी भी बच्चे की पढ़ाई नहीं रुकेगी पर ऐसा हो नहीं रहा है।

1500 विद्यार्थियों की आईडी ब्लॉक

डीपीएस कोलार ने 1500 से अधिक विद्यार्थियों की आईडी ब्लॉक कर उन्हें ऑनलाइन कक्षा से बाहर कर दिया है। अभिभावकों का कहना है कि एडवांस वार्षिक शुल्क जमा है, जिसका समायोजन अब तक स्कूल प्रबंधन ने नहीं किया है। फिर बच्चों को ऑनलाइन कक्षा से बाहर कैसे कर दिया गया। वहीं जवाहरलाल नेहरू स्कूल में शिक्षण शुल्क के साथ मेंटेनेंस शुल्क की मांग की जा रही है।

फीस को लेकर 24 अगस्त को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के दौरान निजी स्कूलों को सिर्फ शिक्षण शुल्क लेने के निर्देश दिए थे। इसे लेकर निजी स्कूल हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में चले गए थे। खंडपीठ ने सरकार के इस निर्णय को निरस्त कर कहा था कि शिक्षण शुल्क के साथ अन्य शुल्क भी ले सकेंगे। इस बीच जबलपुर हाईकोर्ट ने एक स्कूल के मामले में केवल शिक्षण शुल्क लिए जाने का निर्णय सुनाया था। इसके आधार पर जबलपुर हाईकोर्ट में कई याचिकाएं लगीं, जिनकी सोमवार को सुनवाई थी, लेकिन अब 24 अगस्त को होगी।

मेरा बेटा डीपीएस कोलार में है। लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद होने के बावजूद प्रबंधन द्वारा फीस मांगी जा रही है। अग्रिम में वार्षिक फीस लेने के बाद भी ऑनलाइन कक्षा को बंद कर दिया। ट्यूशन फीस के अलावा, मेस व बस फीस एडवांस में ली गई। तीन माह का 20 हजार रुपये मांग रहे हैं। - दीपक मल्होत्रा, अभिभावक

मेरा बेटा डीपीएस कोलार में है। स्कूल प्रशासन 21 हजार रुपये शिक्षण शुल्क मांग रहे हैं। मार्च में 20 हजार वार्षिक शुल्क जमा किया था। स्कूल प्रशासन से बात की तो वे फीस कम नहीं कर रहे हैं। हर साल जितना तिमाही फीस देते रहे हैं, उतनी ही लग रही है। - मेघा चौरसिया, अभिभावक

निजी स्कूलों के खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं। जांच चल रही है कार्रवाई की जाएगी। - नितिन सक्सेना, जिला शिक्षा अधिकारी

अभिभावकों का आरोप गलत है। किसी भी बधो को ऑनलाइन कक्षा से बाहर नहीं किया गया है। तकनीकी खराबी के कारण बधो का लॉगइन आईडी बंद हो गया होगा। इसके लिए अभिभावक मुझसे संपर्क कर सकते हैं। - वंदना धुपड़, प्राचार्य, डीपीएस कोलार

Posted By: Prashant Pandey

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