भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण प्रदेशभर में शासकीय स्‍कूल 31 जनवरी तक बंद कर दिए गए है। लेकिन बच्‍चों की पढ़ाई-लिखाई का नुकसान न हो, इसलिए सोमवार से सरकारी स्कूलों में अध्‍ययनरत पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए हमारा घर-हमारा विद्यालय के तहत आनलाइन कक्षाएं कल से पुन: संचालित की जाएंगी। बच्चों के घर का एक हिस्सा ही उनका स्कूल बन जाएगा। घर के बड़े उनके मेंटर्स की भूमिका में होंगे तो पढ़ाई के टिप्स उन्हें रेडियो और वाट्सएप से प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने आदेश जारी कर दिए हैं।

आदेश में लिखा है कि प्रतिदिन एवं नियमित अध्ययन के लिए घर में ही स्कूल जैसा वातावरण निर्मित कर शैक्षिक गतिविधियों संचालित की जाएंगी। साथ ही विद्यार्थी अपने घर के वातावरण, परिवेश, परिवार के बड़े-बुजुर्गों, बड़े भाई-बहन के सहयोग से घर पर ही रहकर पढ़ाई करेगें। इसमें बच्चे के पास सीखने के स्त्रोत के रूप में उपलब्ध रेडियो, पाठ्यपुस्तक एवं अभ्यास पुस्तिका के आधार पर लर्निंग पैकेज तैयार किया गया है। प्रतिदिन परिवार के बड़े सदस्य प्रातः 10 बजे घंटी या थाली बजाकर विद्यालयीन कार्य प्रारंभ करेंगे। 10 से 11 बजे के बीच विद्यार्थी डिजिलेप वाट्सएप ग्रुप्स पर प्राप्त शैक्षिक गतिविधियों को देखकर अध्ययन एवं अभ्यास करेंगे। इन सभी कार्यो की मॉनिटरिंग संबंधित विद्यालय के शिक्षक करेंगे।

रेडियो स्कूल से भी होगी पढ़ाई

हमारा घर - हमारा विद्यालय के तहत प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए रेडियो स्कूल का प्रसारण सोमवार से शनिवार प्रातः 11 से दोपहर 12 बजे के बीच प्रसारित होगा। जिसे आकाशवाणी और विविध भारती के प्रदेश स्थित सभी प्रसारण केंद्र से एक साथ रिले किया जाएगा। साथ ही डिजिलेप वाट्सएप समूहों के माध्यम से भी शैक्षिक सामगी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही विद्यार्थी अपने घरों पर ही अभ्यास पुस्तिका पर भी कार्य करेंगे।

परिवार के सदस्यों की भूमिका होगी

शिक्षा का स्थान या कोना निर्धारित समय पर बच्चों का घर में लिखने-पढ़ने के लिए एक स्थान नियत करेंगे और निर्धारित विषय का कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे। बच्चों को आवश्यक स्टेशनरी सुबह 10 से दोपहर 1 बजे गतिविधि के अनुसार यथासंभव पेंसिल, कापी, स्केचपेन, कलर पेंसिल, पुराने पेपर आदि उपलब्ध कराएंगे। डिजिलेप वीडियो के माध्यम से प्राप्त सामग्री के अध्ययन के लिए सुविधानुसार बच्चों को मोबाइल उपलब्ध कराना होगा। बच्चे पूरे सप्ताह की गतिविधियों के आधार पर 1 से 2 मिनट का आडियो रिकार्डिंग या वीडियो तैयार करके अपने कक्षा ग्रुप पर भेजेंगे, जिसमें पालक उनकी मदद करेंगे। प्रतिदिन एक पेज हिंदी एवं अंग्रेजी का लेखन एवं गणित का मौखिक अभ्यास कराएंगे।

शिक्षक हर दिन पांच बच्चों को पढ़ाएंगे

शिक्षकों के मोबाइल पर एक दिन पहले शाम को 8 बजे तक डिजिलेप के वीडियो भेजे जाएंगे, जिन्हें अगले दिन आपको कक्षा के वाट्सएप ग्रुप पर प्रातः 10:00 बजे तक भेजना होगा। भेजने से पहले वीडियो देखें एवं बच्चों को लिखित / आडियो के माध्यम से वाट्सएप समूह पर सूचना या संदेश दें। प्रतिदिन अपने विद्यालय के कम से कम पांच बच्चों से मोबाइल के माध्यम से पढ़ी गई सामग्री पर चर्चा कर अगले दिन की सामग्री के बारे में बताना और रिकार्ड तैयार करना है। प्रतिदिन विद्यालय समय में एक मोहल्ले में पांच बच्चों (जिनके पास मोबाइल उपलब्ध नहीं है) के घर जाकर गृह संपर्क बच्चों से उनकी समस्याए पूछेंगे तथा उनका समाधान करेंगे। समय सारिणी अनुसार गतिविधियों का अवलोकन एवं आंकलन करना और अपना फीडबैक डायरी में प्रस्तुत करेंगे। इसी के साथ शिक्षक बच्चों से गृहकार्य जैसे अभ्यास पुस्तिका, बच्चों के प्रतिदिन पढ़ने एवं लिखने की कापी की जांच करेंगे, मौखिक गणित पर चर्चा करेंगे एवं उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।

अधिकारी भी करेंगे मानिटरिंग

वहीं प्रधानाध्यापक भी प्रतिदिन कम से कम 5 अभिभावकों से चर्चा कर उन्हें हमारा घर हमारा विद्यालय के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों के बारे में अवगत कराएंगे और बच्चों को उसके अनुसार पढ़ाई करवाने के लिए प्रेरित करेंगे। सभी गतिविधियों की मानिटरिंग एम शिक्षा मित्र एप के माध्‍यम से की जाएगी। जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों एवं डाइट फैकल्टी के द्वारा भी कक्षावार प्रतिदिन पांच व्हाट्सएप समूह में जुड़कर गतिविधियों की मानीटरिंग एवं आवश्यक सहयोग किया प्रदान किया जाएगा।

Posted By: Ravindra Soni

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