भोपाल (राज्य ब्यूरो)। विज्ञानियों ने विश्व में देश का गौरव बढ़ाया है। कोविड संक्रमण के बीच जहां इसका उपचार खोजा जा रहा था, तो भारत के विज्ञानिकों ने कोविड की दो-दो वैक्सीन बनाकर सबको चौंका दिया। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेनिट भोपाल में आठवें भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जिज्ञासा और जिद, विज्ञान को जन्म देती है। जिज्ञासा ही हमें विज्ञान या गणित के किसी सूत्र को समझने में मदद करती है। हमारा यह लक्ष्य होना चाहिए कि हम अपनी अधिक से अधिक ऊर्जा जन-मानस में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा जागृत करने में लगाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिज्ञासा और जिद के इसी फार्मूले को ध्यान में रखकर प्रदेश में विज्ञान तकनीक और नवाचार नीति-2022 लागू की गई है। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से भारत की सोच विज्ञान पर आधारित रही है। आज से सात हजार साल पहले रामायण काल में विमान की कल्पना की गई थी। भारत का दर्शन यह मानता है कि धर्म और विज्ञान एक दूसरे के समर्थक हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि केवल बड़े शहरों से ही नहीं कस्बों से भी वैज्ञानिक सोच के साथ युवा आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विज्ञान महोत्सव भोपाल में करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप के लिए श्रेष्ठतम ईको सिस्टम विद्यमान है। डिजिटल प्रस्तुतीकरण द्वारा कार्यक्रम के लक्ष्यों का प्रदर्शन भी किया गया।

मुख्यमंत्री चौहान और केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने महोत्सव स्थल पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और छात्रों द्वारा बनाए गए उपकरणों की सराहना की। विज्ञान महोत्सव के 21 जनवरी के न्यूज बुलेटिन का विमोचन भी किया गया। केंद्रीय जैव प्रौद्योगिकी विभाग नोडल एजेंसी तथा स्थानीय स्तर पर मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद और विज्ञान भारती संस्था विज्ञान महोत्सव के आयोजक हैं। शनिवार से शुरू हुआ चार दिवसीय महोत्सव 24 जनवरी तक चलेगा, इसमें 15 क्षेत्रों में गतिविधियां होंगी।

विज्ञान महोत्सव में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह, प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा, केंद्रीय प्रधान विज्ञानी सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, केंद्रीय जैव प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव डा. राजेश गोखले, पृथ्वी मंत्रालय के सचिव एम. रविचंद्रन, विज्ञान भारती के महासचिव प्रो. सुधीर भदौरिया, महानिदेशक सीएसआइ डा एन. कलईसेल्वी और प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव निकुंज श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित थे।

विज्ञान को जन-जन से जोड़ना कार्यक्रम का उद्देश्य

केंद्रीय राज्यमंत्री डा. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि विज्ञान को जन-जन से जोड़ने के उद्देश्य से ही यह कार्यक्रम उत्सव के रूप में किया गया है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार से ही वर्ष 2047 के भारत की तस्वीर निर्धारित होगी। मध्य प्रदेश में कृषि, बांस तथा "वेस्ट-टू-वेल्थ" के क्षेत्र में गतिविधियों की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। सिंह ने महोत्सव के लिए राज्य सरकार से मिले सहयोग और सुविधा के लिए मुख्यमंत्री चौहान का आभार जताया। प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि हम आत्म-निर्भर मध्य प्रदेश के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं

इस विज्ञान महोत्‍सव का आयोजन भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआइआर), अंतरिक्ष विभाग, परमाणु उर्जा विभाग, विज्ञान भारती व मैनिट के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

Posted By: Ravindra Soni

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