भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। गांधी मेडिकल कालेज भोपाल के जूनियर डाक्टरों ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को पत्र लिखकर तीन मांगें रखी हैं। उनका कहना है कि सरकार उनकी मांग मान लेती है तो मध्य प्रदेश में जूनियर डाक्टर आंदोलन समाप्त कर देंगे, भले ही दूसरे राज्यों में हड़ताल चलती रहे। बता दें कि नीट पीजी काउंसलिंग में देरी के चलते जूनियर डाक्टर देश भर में आंदोलन कर रहे हैं। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के सभी मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टरों ने मंगलवार से काम बंद कर दिया है और आंदोलन पर उतारू हो गए हैं1

जूनियर डाक्‍टरों का कहना है कि काउंसलिंग में देरी की वजह से मेडिकल कालेजों में पीजी प्रथम वर्ष के जूनियर डाक्टर अभी तक नहीं आए हैं। यह बैच एक जून से शुरू हो जाता है। प्रथम वर्ष के छात्र नहीं होने से बाकी दो बैच के जूनियर डाक्टरों पर काम का दबाव बढ़ा है। ऐसे में वह पहले बैच की जगह जूनियर रेजीडेंट अथवा मेडिकल आफिसर को पहले बैच की जगह पदस्थ करने की मांग सरकार से कर रहे हैं। इसके अलावा 2018-19 बैच के पीजी छात्र जिनका कार्यकाल मई 2021 में खत्म होने के बाद कोविड के चलते चार महीने के लिए बढ़ाया गया था उनकी बढ़ी अवधि को अनिवार्य ग्रामीण सेवा में शामिल किया जाए। तीसरी मांग यह है कि राज्य सरकार केंद्र सरकार और नेशनल मेडिकल कमीशन को पत्र लिखकर नीट पीजी काउंसलिंग जल्दी कराने की मांग करे। बता दें कि आंदोलन में अभी जूडा ने ओपीडी, ओटी और वार्ड में सेवा देने का बहिष्कार किया है। उनका कहना है मांग पूरी नहीं हुई तो इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर देंगे।

हमने तीन मांगें मंत्री के सामने रखी हैं। अगर हमारी मांगें मान ली जाती है तो प्रदेश में जूनियर डॉक्‍टरों का आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा।

- डा. अरविंद मीणा, प्रदेश जूडा प्रेसीडेंट

Posted By: Ravindra Soni

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