भोपाल/सीहोर। तीन दिन पहले जताखेड़ा के नाले में बही भोपाल की तनिष्का पिल्लई की तलाश में बुधवार को एसडीआरएफ की टीम ने अपनी ताकत झोंक दी। नाले के किनारे दस किमी तक टीम पैदल चली और में 40 फीट गहरे पानी में जाकर भी तलाशा लेकिन वह नहीं मिली। एसडीआरएफ के एडीजी डीसी सागर खुद मौके पर पहुंचे और टीम के साथ सघन अभियान चलाया गया था।

बता दें कि सोमवार की सुबह भोपाल से इंदौर जाते समय जीवन मोटर्स नेक्सा के कर्मचारी नसीम खान, संयोग प्रताप सिंह जादौन, तनिष्का तलरेजा पिल्लई, अजय आचार्य और फरहान खान की कार भोपाल-इंदौर हाईवे पर ग्राम जताखेड़ा के पास पुलिया से टकराकर नाले में गिर गई थी। इस हादसे में अजय आचार्य, फरहान खान, नसीम खान और संयोग प्रताप सिंह की मौत हो गई थी। जबकि तेज बहाव में बही तनिष्का का अब तक सुराग नहीं लगा।

सीहोर में मंडी थाना प्रभारी शिशिर दास ने बताया कि एसडीआरएफ के अलावा होमगार्ड के तैराक व मंडी थाने का दल तनिष्का की तलाश में जुटा है। एडीजी डीसी सागर ने तलाशी अभियान की समीक्षा की है। इस दौरान वे टीम के साथ नाले के किनारे करीब 10 किमी तक पैदल चले। बोट से भी तलाश किया, लेकिन तनिष्का नहीं मिली।

ऑक्सीजन सिलेंडर बांधकर की खोज

एसडीआरएफ के जवान अनब्राको फै क्टरी के पास स्थित खंती की गहराई में ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर तनिष्का को तलाशते रहे, लेकि न सफलता नहीं मिल सकी। लगभग 50 फीट गहरी खंती की तलहटी में कांटे व मलबा टीम की राह में अड़चन डाल रहा था। पानी काफी ठंडा होने से भी दिक्कतें आ रही हैं। टीम ने जताखेड़ा नाले से लेकर सोंडा नदी तक लगातार सर्चिंग की, लेकि न कोई सफलता नहीं मिल पाने से टीम के अलावा तनिष्का के परिजन भी मायूस हैं। गुरुवार को भी तलाशी अभियान जारी रहेगा