भोपाल। वरिष्ठ समाजवादी नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल है। नोटबंदी और जीएसटी के बाद देश में आर्थिक आपातकाल की स्थितियां हैं। जीडीपी 6 फीसदी से कम और सरकार पर कर्ज बढ़ गया है। कारखाने बंद हो रहे हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है और सरकार भावनात्मक मुद्दे उठाने में लगी है। मप्र में तवा सहित अन्य नदियां दम तोड़ रही हैं।

मीडिया से चर्चा करते हुए यादव ने बताया कि खुदरा व्यापार ठप हो रहा है। 70 साल में पहली बार बेकारी इतनी तेजी से बढ़ी है। देश में वाहनों की बिक्री तेजी से घट गई है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर सरकार ने देश का सोना बेच दिया था लेकिन मनमोहन सिंह सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर ला दिया था, तब हमारी जीडीपी 9 फीसदी थी। मौजूदा सरकार की नीतियों से ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, रीयल इस्टेट और छोटे-बड़े उद्योग-धंधे चौपट हो रहे हैं। राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अदालत से जो भी फैसला आए सबको मानना होगा। देश का संविधान और जनता ही हमारे लिए सबकुछ है।

महाराष्ट्र में जनमत का अनादर

महाराष्ट्र की सियासी स्थिति पर उनकी प्रतिक्रिया थी कि दोनों पार्टियों (भाजपा-शिवसेना) ने जनमत का अनादर किया, जब चुनाव मिलकर लड़ा तो सरकार भी बनाना थी। ऐसा लग रहा है कि प्रदेश राष्ट्रपति शासन की तरफ बढ़ रहा है। गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा हटाने के सवाल पर उनका जवाब था कि यह गलत है। उस परिवार के दो प्रधानमंत्री रहे, चुने हुए नेता आतंकियों के शिकार हुए, शहादत देने वाला परिवार है लेकिन सरकार गलत कर रही है।

दम तोड़ रहीं मप्र की नदियां

मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को लेकर हुए सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी तो सरकार बनी है, कुछ कहना ठीक नहीं। लेकिन यहां की सड़कों पर गायें और रेत के डंपर ही नजर आ रहे हैं। नदियां दम तोड़ रही हैं। होशंगाबाद जिले के बाबई स्थित अपने पुश्तैनी गांव से लौटे यादव ने अफसोस के साथ कहा कि हमारी तवा नदी मर रही है। उससे लाखों एकड़ जमीन सिंचित होती थी। अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगना चाहिए, रेत, पानी को पकड़ कर रखती है। लेकिन इन नदियों से 20-30 फीट गहराई तक रेत खोद ली गई है।

Jabalpur News : देश भर में चल रहे एक ही आईएमईआई नंबर के 1 लाख से ज्यादा मोबाइल फोन

Posted By: Hemant Upadhyay