Shivraj Cabinet: भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का स्वेच्छानुदान दो सौ करोड़ रुपये प्रतिवर्ष होगा। यह वर्ष 2021-22 में 110 करोड़ रुपये था, जिसमें अनुपूरक बजट के माध्यम से 16 करोड़ 80 लाख रुपये का अतिरिक्त प्रविधान किया गया था। इसे अब बढ़ाकर दो सौ करोड़ रुपये किया जा रहा है। वहीं, विधायकों के स्वेच्छानुदान में भी 35 लाख रुपये की वृद्धि की जाएगी। यह अभी 15 लाख रुपये प्रतिवर्ष है। सरकार ने बजट सत्र के दौरान विधानसभा में इसकी घोषणा की थी। मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान से उपचार के लिए सर्वाधिक राशि स्वीकृत की जाती है। प्रदेशभर से प्रकरण विधायक, कलेक्टर सहित अन्य माध्यमों से मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचते हैं। प्राथमिकता पर आधार पर इन्हें स्वीकृत करके सीधे संबद्ध अस्पतालों को राशि अंतरित की जाती है। दुर्घटनाओं में मृतक और गंभीर रूप से बीमार के उपचार के लिए भी स्वेच्छानुदान से ही राशि स्वीकृत की जाती है। वर्ष 2021-22 के मुख्य बजट में 110 करोड़ रुपये का प्रविधान मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान के लिए रखा गया था।

इसमें पुनर्विनियोजन और अनुपूरक बजट के माध्यम से दो बार में 16 करोड़ 80 लाख रुपये की वृद्धि की गई। स्वेच्छानुदान मद में राशि की आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2022-23 एवं आगामी वित्तीय वर्षों के लिए दो सौ करोड़ रुपये करने का निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने भी सहमति दे दी है। अब इसे अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।

वहीं, विधायकों को निर्वाचन क्षेत्र विकास के लिए दी जाने वाली विधायक निधि एक करोड़ 85 लाख रुपये से बढ़ाकर ढाई करोड़ रुपये और स्वेच्छानुदान 15 लाख रुपये वार्षिक से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मार्च 2022 में विधानसभा में राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण पर प्रस्तुत कृतज्ञता ज्ञापन पर चर्चा के दौरान की थी।

इस आधार पर योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे अंतिम निर्णय के लिए मंगलवार को प्रस्तावित कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पहले 2016 में निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि को एक करोड़ 85 लाख रुपये और स्वेच्छानुदान 15 लाख रुपये किया गया था। कोरोना महामारी के दौरान विधायकों का स्वेच्छानुदान इस शर्त के अधीन 50 लाख रुपये कर दिया था कि वे राशि का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में करेंगे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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