भोपाल। अपनी ही पार्टी के दो विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल के बागी होने के बाद से कमलनाथ सरकार को आए दिन धमकी देने वाले भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। पार्टी की संभागीय स्तर पर समीक्षा बैठकों में भी विधायकों और अन्य नेताओं को साफतौर पर सरकार के भविष्य को लेकर बयानबाजी नहीं करने का निर्देश दिया जा रहा है।

जुलाई में संपन्न् हुए विधानसभा सत्र के दौरान संशोधन विधेयक पर मत विभाजन के दौरान भाजपा के मैहर से विधायक नारायण त्रिपाठी और ब्योहारी से शरद कोल ने पार्टी लाइन से अलग जाकर कांग्रेस का समर्थन किया था। तब इस बात की चर्चा थी कि ये दोनों विधायक कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।

इस बात से चिंतित भारतीय जतना पार्टी ने अब तक दोनों विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। साथ ही सारे नेताओं को भी चेता दिया है कि वे अब कमलनाथ सरकार को गिराने या अन्य किसी भी तरह का कोई बयान नहीं देंगे।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव होते ही परिणाम आने से पहले नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सबसे पहले फ्लोर टेस्ट की बात कही थी। इसके बाद ही कमलनाथ सरकार अलर्ट हो गई और उसने अपने सारे विधायकों की घेराबंदी कर ली। असर ये हुआ कि भाजपा लगातार बयानबाजी करती रही और कांग्रेस ने भाजपा के घर में ही सेंध लगा दी।

बागियों का कांग्रेस में विरोध देखकर नहीं की कार्रवाई

भारतीय जनता पार्टी से बगावत कर कांग्रेस सरकार का समर्थन करने वाले दो बागी विधायकों का अब कांग्रेस में भी विरोध हो रहा है। जिन इलाकों से ये विधायक चुनाव जीतकर आए हैं, वहीं के नेता और कार्यकर्ता इनके खिलाफ लामबंद हो गए हैं। इन विधायकों को 'आदतन दलबदलू" करार दिया जा रहा है।

लोगों को याद दिलाया जा रहा है कि ये आठवीं बार है कि नारायण त्रिपाठी ने पाला बदला है। 2014 के लोकसभा चुनाव से मात्र दो दिन पहले वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। यही कारण है कि भाजपा ने दोनों विधायकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का मन बनाया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो हालात देखकर धीरे-धीरे वे ही कांग्रेस से दूर होने लगे हैं।

अवांछित बयानबाजी से मना किया है पार्टी ने : डॉ. विजयवर्गीय

प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा इस समय अपने सदस्यता अभियान में लगी है, इसलिए सारे नेताओं-कार्यकर्ताओं का ध्यान संगठन पर केंद्रित है। जहां तक कमलनाथ सरकार की अस्थिरता का सवाल है तो वह अपने ही बोझ से डगमगा रही है। ये जरूर है कि हमने अपने लोगों को अवांछित बयानबाजी से मना किया है।