सिल्क इंडिया प्रदर्शनी में आए बुनकर ने दी रोचक जानकारियां

भोपाल। नवदुनिया रिपोर्टर

कांजीवरम ब्राइडल साड़ी में गोल्ड पालिश की गई सिल्वर जरी का उपयोग किया जाता है। इस साड़ी को पांच बुनकर मिलकर पांच महीने में बना पाते हैं। हैंडलूम पर एक दिन में सिर्फ एक इंच साड़ी की बुनाई होती है। इस साड़ी की कीमत रुपए पांच हजार है। इसके अलावा कांजीवरम अंबारी डिजाइन साड़ी जनवरी माह में पोंगल त्यौहार के अवसर पर बुनी जाती है। इस साड़ी का धार्मिक महत्व है, सभी बुनकर इस साड़ी को बुनने के बाद मंदिर में भगवान को भेंट करते हैं। उसके बाद ही इसको सेल किया जाता है। साड़ी की कीमत नौ हजार है। साड़ी निर्माण से जुड़ी ऐसी रोचक जानकारियां कांचीपुरम तमिलनाडु से आए बुनकर आरबीएन नायडू ने दी। वे बिट्टन मार्केट में चल ही सिल्क इंडिया एग्जीबिशन में कांजीवरम साड़ियों की वैरायटी लेकर आए हुए हैं। यहां 18 राज्यों के 70 से अधिक बुनकर अपनी कला प्रदर्शित कर रहे हैं।

सोने-चांदी से बढ़ता है वजन

ट्रेडिशनल रिच कलर्स में मिलने वाली ये कांजीवरम साड़ियां इंडिया की सबसे ज्यादा मशहूर और महंगी साड़ियों में हैं। इस सिल्क का नाम तमिलनाडु के एक गांव पर है, जहां यह सिल्क बनाया जाता है। बाकी सिल्क साड़ियों के मुकाबले ये साड़ियां वजनी होती हैं, क्योंकि इनमें इस्तेमाल होने वाले सिल्वर धागे गोल्ड में डिप होते हैं, वहीं मोटिफ्स हाथी मोर और तोते से इंसपायर्ड होते हैं। इस साड़ी का सबसे बेस्ट पार्ट होता है इसका पल्लू जो अलग से बनाकर बाद में साड़ी से जोड़ा जाता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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