भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें छोटी-बड़ी किसी भी चोट (इंजरी) का इलाज कराने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उनका इलाज करने व चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए हमीदिया अस्पताल में स्पोर्ट इंजरी सेंटर बनाया जा रहा है। करीब दो साल में यह सेंटर शुरू किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने साढ़े 12 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। अभी देश में सिर्फ दो इस तरह के केन्द्र हैं। भारत सरकार ने पांच और केन्द्रों को मंजूरी दी है। इसमें एक भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बनाया जाएगा।

हमीदिया अस्पताल में हड्डी रोग विभाग के अधीन यह सेंटर बनाया जाएगा। इसमें डॉक्टर व अन्य स्टाफ हमीदिया के ही रहेंगे। भारत सरकार से मिलने वाली राशि से सिविल कार्य व उपकरणों की खरीदी की जाएगी। इस केन्द्र का पांच साल तक संचालन भी केन्द्रीय खेल एवं युवा कल्याण विभाग करेगा। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल परिसर में ही यह सेंटर बनाया जाएगा। मौजूदा ट्रामा भवन के ऊपर या फिर दूसरी जगह इसके लिए जगह तलाशी जा रही है।

यह होगा सेंटर में

30 बेड का वार्ड : सेंटर में 30 बेड का वार्ड बनाया जाएगा। इसमें कुछ बेड गंभीर मरीजों के लिए रखे जाएंगे। सभी बेड में मॉनिटर व अन्य जरूरी सुविधाएं रहेंगी।

फिजियोथैरेपी : सेंटर में एक फिजियोथैरेपी यूनिट भी बनाई जाएगी। यहां खिलाड़ियों को हमेशा फिट रहने के टिप्स दिए जाएंगे।

खुराक : सेंटर में डायटीशियन भी होंगे, जो यह बताएंगे कि फिट रहने के लिए क्या और कब खाएं।

पीजी कोर्स : एमडी स्पोर्ट मेडिसिन में पीजी डिग्री कोर्स शुरू किया जाएगा। इसमें तीन सीटें होंगी। इस कोर्स के लिए मप्र मेडिकल यूनिवर्सिटी ने मान्यता दे दी है। एमसीआई से मान्यता मिलना बाकी है।

तीन करोड़ से बनेगा स्पाइन इंजरी सेंटर

हमीदिया अस्पताल में एक और बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। यहां पर तीन करोड़ की लागत से स्पाइन (रीढ़ की हड्डी) इंजरी सेंटर बनाया जाएगा। ट्रामा एवं इमरजेंसी बिल्डिंग के ऊपर यह सेंटर बनेगा। सेंटर में 12 बेड होंगे। इनमें 2 बेड प्रदेश सरकार व 10 बेड भारत सरकार के अधीन होंगे। फिजियोथैरेपी, ऑक्यूपेशनल थैरेपी व अन्य मिलाकर करीब 18 पदों पर भर्ती की जाएगी। हमीदिया अस्पताल के हड्डी और न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टर यहां पर मरीजों का इलाज करेंगे। भारत सरकार से मिलने वाले 3 करोड़ रुपए में 50 लाख सिविल कार्य व बाकी राशि उपकरणों पर खर्च की जाएगी। यहां पर रीढ़ की हड्डी से संबंधित सभी तरह की बीमारियों का इलाज किया जाएगा। इसमें रीढ़ की हड्डी में गैप, चोट की वजह से पैरों में सुन्नपन, स्पॉन्डिलाइटिस आदि शामिल है।

स्वीकृति मिल गई है

भारत सरकार ने स्पोर्ट इंजरी सेंटर व स्पाइन इंजरी सेंटर शुरू करने के लिए राशि दी है। देश में अभी दो स्पोर्ट इंजरी सेंटर हैं। पांच और सेंटर बनाए जा रहे हैं। इसमें मप्र के हमीदिया अस्पताल के लिए स्वीकृति दी गई है।

- डॉ. संजीव गौर, एचओडी, हड्डी रोग विभाग