भोपाल। इंदौर से जुड़े हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप का मामला सामने आने से सियासी और मंत्रालय के गलियारे में हड़कंप मचा रहा। दिनभर नेताओं और अफसरों के बीच यह घटना चर्चा का मुख्य मुद्दा रही।

सभी की दिलचस्पी यह जानने में रही कि इस मामले की जद में कौन-कौन आ रहे हैं, क्योंकि सोशल मीडिया पर तरह-तरह के संदेश दिनभर वायरल होते रहे। मंत्रालय में इस घटनाक्रम को कथित तौर पर कुछ माह पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वरिष्ठ अफसर के वीडियो से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि यह पूरा मामला पॉवर गैलरी में अपना स्थान बनाने का है। श्वेता नाम की जिस महिला का नाम सामने आया है, उसका एक वीडियो 2013 के विधानसभा चुनाव के पहले सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।

उस वक्त भी नेताओं से उसके करीबी संबंध होने की बात भी सामने आई थी, लेकिन समय बीतने के साथ यह मामला दब गया। ताजा घटनाक्रम में एक बार फिर उसका नाम सामने आने से वही वीडियो क्लिप फिर सोशल मीडिया में वायरल होने लगी। उधर, एक अन्य आरोपी महिला की कांग्रेस नेताओं के साथ बहुत-सी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। वह महिला कांग्रेस के कई कार्यक्रमों में सक्रिय रही है।

वहीं, कुछ माह पहले मंत्रालय में पदस्थ एक वरिष्ठ अधिकारी की एक महिला के साथ नजदीकी का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इससे ब्यूरोक्रेसी की हो रही बदनामी को देखते हुए उनका तबादला मंत्रालय से बाहर कर दिया गया था, लेकिन सब यह मानकर चल रहे थे कि बात निकली है तो दूर तलक जाएगी। अब जब हनी ट्रैप का मामला पकड़ में आया है तो मंत्रालय में सभी इसे कुछ माह पहले की घटना से जोड़कर देख रहे हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि पॉवर में रहने वाले लोग ऐसे लोगों का टारगेट होते हैं, क्योंकि हर किसी को पॉवर गैलरी में दखल बनाने की चाहत होती है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम से हड़कंप है और हर कोई यह टोह लेने में लगा है कि किस-किस के नाम सामने आ रहे हैं। हाईप्रोफाइल मामला होने की वजह से पुलिस भी बहुत फूंक-फूंककर कदम रख रही है।