- बीसीएलएल डायरेक्टर ने बस ऑपरेटर्स की बैठक में ऑपरेटरों से मांगा एक्शन प्लान

- एक दिन पहले सिटी बस के ब्रेक फेल होने से हो चुकी है दुर्घटना

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

10 साल पुरानी लो फ्लोर बसों की जांच की जाएगी। जो बसें कंडम हो चुकी हैं, उन्हें रूट पर नहीं उतारा जाएगा। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) के डायरेक्टर केवल मिश्रा ने शुक्रवार को अधिकारियों व ऑपरेटरों की बैठक ली। मिश्रा ने पुरानी बसों की कंडीशन की जांच कराने के लिए एजेंसी को निर्देश दिए हैं।

बीसीएलएल डायरेक्टर ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऑपरेटर्स के अनुबंध के अनुसार सभी बसों के मेंटेनेंस आदि की जिम्मेदारी बस ऑपरेटर्स की होती है। ऐसे में बस ऑपरेटर्स नियमित रूप से निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप ही बसों का नियमित रखरखाव व संधारण करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। बीसीएलएल अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुरानी बसों को चिन्हित कर संबंधित एजेंसी से सर्वे कराएं। जो बसें चलने योग्य नहीं हैं उनको डिस्पोज ऑफ करने की कार्रवाई की जाए। बता दें कि गत गुरुवार को शाहजहांनाबाद क्षेत्र में सिटी बस क्रमांक एमपी 04 पीए-1019 के ब्रेक फेल होने दो लोग घायल हो गए थे। बस ड्राइवर संतोष रजक द्वारा सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को बाउंड्री वॉल की ओर मोड़ दिया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। बैठक में ऑपरेटरर्स द्वारा बताया गया कि अब तक 33 बसों को रिप्लेस करते हुए उनकी जगह नई मिडी बसें आ चुकी हैं। मिश्रा ने कहा कि बाकी बसों की खरीदी तत्काल की जाए। साथ ही कब कितनी बसें आ रही हैं इसका एक्शन प्लान तैयार कर प्रस्तुत करें।