Supermoon भोपाल। दिन-रविवार। तारीख-9 फरवरी। तिथि-माघ पूर्णिमा। कल का चांद अन्य पूर्णिमा के चांद की तुलना में अधिक चमकदार और बड़ा था। लगभग 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत अधिक चमक वाला, लाला सुर्ख। इसलिए, खगोल वैज्ञानिकों ने इसे साल 2020 का पहला सुपनमून (Supermoon) कहा। पश्चिमी देशों ने इसे स्नोमून का नाम दिया। राजधानी में करीब शाम 6.40 बजे चांद आसमान पर आया और 6.45 बजे इंडिगो एयरलाइंस की दिल्ली-भोपाल उड़ान ने भी दस्तक दी। उड़ान और सुपरमून (Supermoon) को कैमरे में कैद किया गया तो ये तस्वीर बनी। कल के फुलमून समेत इस साल लगातार चार सुपरमून (Supermoon) दिखेंगे। 9 मार्च, 8 अप्रैल और 7 मई के चांद को सुपरमून (Supermoon) का दर्जा दिया गया है।

आसमान खुला होने से सुपरमून (Supermoon) साफ दिखाई दिया, इस दौरान कई जगह लोगों ने इसके दीदार किए। ज्यादा चमक के साथ दिख रहा चांद अपने आप ही लोगों को अपनी ओर देखने के लिए आकर्षित कर रहा था। इसके साथ ही यह पहले पूर्णिमा के चांद की अपेक्षा कुछ ज्यादा ही बड़ा नजर आ रहा था।

क्या है सुपरमून

पृथ्वी की परिक्रमा चंद्रमा अंडाकार पथ पर करता है। जिसमें उसकी पृथ्वी से अधिकतम दूरी 406,692 किमी होती है। जिसे अपोजी कहते हैं। इसके साथ ही न्यूनतम दूरी 356,500 किमी होती है जिसे पेरिजी कहते हैं। जब 3,61,885 किमी से कम दूरी पर रहते हुए पूर्णिमा आती है तो इसे सुपरमून कहा जाता है। खास बात यह है कि पृथ्वी से दूरी कम होने पर इस दौरान चांद बड़े आकार और ज्यादा चमकदार नजर आता है। फोटो- मोहम्मद अबरार खान

Posted By: Prashant Pandey

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